संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शहर की रणजीत काॅलोनी व शर्मा कालोनी में दूषित पेयजल की सप्लाई होने से लोग पीलिया की चपेट में आ रहे हैं। यहां से स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 19 लोगों के सैंपल लिए थे। वीरवार को रिपोर्ट आने पर शर्मा कालोनी के छह लोगों में पीलिया (हैपेटाइटिस-ए) की पुष्टि हुई है। जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग की टीम ने काॅलोनी में सर्वे कर रही है।
वहीं दूसरी और जनस्वास्थ्य विभाग के ट्यूबवेलों पर सोडियम हाइपोक्लोराइट सप्लाई करने का कोई पैमाना ही नहीं है। ठेकेदार अपनी मर्जी से जहां जैसा देखा वहां वैसी दवा सप्लाई करवा रहे हैं। यही वजह है कि ज्यादातर ट्यूबवेलों पर रिकॉर्ड ही नहीं है कि वहां पर कब और कितनी दवा सप्लाई की गई। टीम ने एक के बाद एक कई ट्यूबवेलों पर जाकर पड़ताल की तो एक को छोड़ कर कहीं पर भी सोडियम हाइपोक्लोराइट की सप्लाई का रिकॉर्ड नहीं मिला।
ट्यूबवेलऑपरेटरों ने बताया कि शहर में सोडियम हाइपोक्लोराइट अब लिक्विड में आ रही है। प्रत्येक ट्यूबवेल पर जनस्वास्थ्य विभाग ने 200 लीटर की टंकी रखी है। ऑपरेटरों का कहना है कि ठेकेदार टंकी में कभी भी एक समान दवा नहीं डलवाता। कई बार आधी से ज्यादा टंकी दवा से भर दी जाती है। दवा डालने के बाद ठेकेदार केन को भी साथ ले जाते हैं। कितनी दवा दी इसकी ट्यूबवेल पर रखे रजिस्टर में एंट्री नहीं की जाती।
शहर की सरोजनी कॉलोनी, भगवती कॉलोनी, शिवपुरी-बी समेत कई ट्यूबवेलों पर जाकर देखा तो वहां रखे रजिस्टर में दवा की एंट्री नहीं मिली। बूटर विहार कॉलोनी में ही ट्यूबवेल के रजिस्टर में दवा की एंट्री लिखी मिली। हालांकि ठेकेदार के कर्मचारी अपना काम ठीक से कर रहे हैं। दवा खत्म होने से पहले ही ऑपरेटर फोन करते हैं तो कर्मचारी दवा उपलब्ध करवा देते हैं। कर्मचारी दवा सप्लाई करने के दौरान जीपीएस कैमरे से फोटो अधिकारियों के साथ शेयर करते हैं।
जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कभी ट्यूबवेलों पर जाकर निरीक्षण ही नहीं करते। यदि दवा है तो वहां ट्यूबवेल चलाने के लिए रखे कर्मचारी डोजर को चलाते ही नहीं हैं। यमुनानगर क्षेत्र के एक ट्यूबवेल पर ताला लटका मिला। अंदर ट्यूबवेल चल रहा था। एक अन्य ऑपरेटर ने इस ट्यूबवेल के ऑपरेटर को फोन करके हमारे आने की सूचना लीक कर दी। उसने आनन-फानन ट्यूबवेल का दरवाजा खोला और डोजर का पाइप जल्दबाजी में टैंक से जोड़ने लगा। इस पर कर्मचारी ने तर्क दिया कि यदि पाइप को टंकी में रखते हैं तो बंद ट्यूबवेल सारी दवा को खींच लेता है।
रखा जाता है दवा का रिकॉर्ड : एक्सईएन
जनस्वास्थ्य विभाग यमुनानगर के एक्सईएन दिनेश गाबा ने बताया कि ठेकेदार को सभी ट्यूबवेलों पर नियमित रूप से दवा सप्लाई करने को कहा गया है। ट्यूबवेल पर सोडियम हाइपोक्लोराइड का रिकॉर्ड रखने के लिए भी कहा गया है, ताकि पता लग सके कि कब कितनी दवा आई है।