यमुनानगर। शहर में 25 कॉलोनियां ऐसी हैं जहां पर सामान्य पीलिया और हैपेटाइटिस-ए के मरीज बार-बार मिल रहे हैं। इन कॉलोनियों में पानी की लीकेज है या फिर जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से ट्यूबवेल के पानी में सोडियम हाइपोक्लोराइट नहीं मिलाई जा रही। जिससे लोगों को शुद्ध पानी पीने को नहीं मिल रहा। इनमें कई कॉलोनियां तो ऐसी हैं जिनमें पीने की पाइप लाइन में लीकेज होने के बाद डायरिया फैल गया था। अब इस संबंध में सिविल सर्जन ने जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता को पत्र लिखा है। जिसमें इन कॉलोनियों में पानी की लीकेज को ठीक करने और लोगों को साफ पानी मुहैया कराने को कहा गया है।
सिविल सर्जन ने जनस्वास्थ्य विभाग को जो पत्र लिखा है उसमें दशमेश कॉलोनी, शर्मा गार्डन, आदर्श नगर कैंप, गुलाब नगर, गुर्जर नगर, ईस्ट भाटिया नगर, रणजीत कॉलोनी, शर्मा कॉलोनी, टैगोर गार्डन, दड़वा, चौधरी कॉलोनी, गोविंदपुरा जगाधरी, मुकारबपुर गांव, प्रेम नगर, गोल्डनपुरी जगाधरी, रघुनाथपुरी, लालद्वारा, शिवपुरी-ए, शिवपुरी-बी, कीर्ति नगर, राजाराम कॉलोनी, महावीर कालौनी, करतारपुरा, रामपुरा व आजाद नगर का जिक्र किया गया है। जानकारी के अनुसार कि हर साल सामान्य पीलिया के मरीज तो मिलते ही रहते हैं, लेकिन इस बार हैपेटाइटिस-ए के मरीज भी बड़ी संख्या में सामने आ रहे हैं। गत तीन माह में हैपेटाइटिस-ए के 36 मरीज मिल चुके हैं, जो कि गत 10 वर्षों में सर्वाधिक है। पिछले दिनों शहर के कीर्ति नगर, रणजीत कॉलोनी, कैंप में डायरिया फैल गया था। जहां डायरिया फैलने का सबसे बड़ा कारण पीने के पाइप लाइन का लीक होना था। पानी में सीवरेज का पानी मिक्स होकर लोगों के घरों में पहुंच रहा था, जिसे पीकर लोग बीमार हो गए।
अगस्त माह में की गई पड़ताल में ज्यादातर ट्यूबवेलों पर लगाए गए डोजर खराब मिले। इसके अलावा ट्यूबवेलों पर पानी में मिलाने के लिए सोडियम हाइपोक्लोराइट दवाई भी नहीं थी। एक जगह तो दवाई की टंकी में छिपकली मिली थी। जिस ठेकेदार द्वारा ट्यूबवेलों पर डोजर ठीक करने हैं तथा सोडियम हाइपोक्लोराइट दवाई की सप्लाई करनी है उसकी ओर से लापरवाही बरती जा रही थी। कभी ट्यूबवेलों पर पूरी दवाई नहीं दी गई। खराब डोजर को ठीक नहीं कराया जा रहा था। इसके बाद जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी हरकत में आए और सभी ट्यूबवेलों पर दवा की सप्लाई कराई गई और खराब डोजर को भी ठीक कराया गया।
विभाग ने पत्र लिखा है: डॉ. मंजीत सिंह
स्वास्थ्य विभाग के सिविल सर्जन डॉ. मंजीत सिंह ने बताया कि शहर की करीब दो दर्जन कॉलोनियां ऐसी हैं जिनमें बार-बार पीलिया व हैपेटाइटिस-ए के मरीज मिल रहे हैं। कहीं इन कॉलोनियों में पानी की लीकेज तो नहीं है या फिर क्लोरीन पर्याप्त मात्रा में नहीं मिलाई जा रही, इसके लिए जनस्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखा गया है।
कर्मचारी लगाए हुए हैं: दिनेश गाबा
जनस्वास्थ्य विभाग यमुनानगर के एक्सईएन दिनेश गाबा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग से पत्र मिला था। जिसके बाद कॉलोनियों में पानी की लीकेज को लेकर कर्मचारियों से जांच कराई जा रही है। सभी ट्यूबवेल से पानी में सोडियम हाइपोक्लोराइट मिलाई जा रही है। साथ ही खराब डोजर भी ठीक करवा दिए हैं। पानी में कोई कमी नहीं है।