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डॉक्टर के बरताव से खफा आशा वर्करों ने लगाया जाम

Sun, 06 Jul 2014 12:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, खिजराबाद।
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आशा वर्कर से डॉक्टर द्वारा किए अभद्र व्यवहार के विरोध में शनिवार को सैकड़ों आशा वर्करों ने जगाधरी-पांवटा हाई-वे जाम कर दिया। आशा वर्करों ने करीब दो घंटे रोड जाम रखा और डॉक्टर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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सूचना मिलते ही बिलासपुर के डीएसपी और थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। इस बीच सीटू और ऑल हरियाणा हाइडल यूनियन भी आशा वर्करों के समर्थन में उतर आईं। जाम के कारण कई किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

आशा वर्कर यूनियन की जिला प्रधान मीना रानी, सीटू जिला प्रधान सुरेंद्र डोगरा, जिला कोषाध्यक्ष सोमनाथ ने बताया कि अधिकारी अपनी कमियों को छुपाने के लिए आशा वर्करों के ऊपर दोष मढ़ते हैं, जबकि पूरी गलती चिकित्सा अधिकारियों और कर्मचारियों की है।
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उनका कहना है कि आशा वर्कर अपने सम्मान को बचाने के लिए किसी भी प्रकार का संघर्ष करने के लिए तैयार हैं।

आशा वर्करों ने सबसे पहले खिजराबाद अनाज मंडी में ऑल हरियाणा पावर यूनियन के साथ और सीआईटीयू के बैनर तले अपनी रणनीति तैयार की और उसके बाद खिजराबाद के चिकित्सा अधिकारी के खिलाफ नारेबाजी की। मंडी में नारेबाजी करने के बाद वे जगाधरी पावंटा रोड से खिजराबाद के सरकारी अस्पताल पहुंचीं। यहां उन्होंने जगाधरी पांवटा साहिब रोड को लगभग दो घंटे तक जाम रखा।

इस मौके पर पहुंचे डीएसपी अजय राणा ने उन्हें समझाया और मसला बातचीत के माध्यम से सुलझाने की बात कही, जिसके बाद जाम खुल पाया।

यह था मामला
भूडकलां निवासी प्रियंका को 12 मई को डिलीवरी के लिए खिजराबाद के सरकारी अस्पताल में लाया गया था। यहां आपरेशन से उसकी डिलीवरी की गई। पीड़िता के जेठ शंटी ने बताया कि लगभग एक महीने के बाद तीन जुलाई को उसकी भाभी को पेट में दर्द की शिकायत हुई तो वे इसे यमुनानगर के एक अस्पताल में ले गए जहां जांच के दौरान पता चला कि उसके आपरेशन के समय लापरवाही बरती गई हैं और उसके पेट में रूई का टुकड़ा है, जिसकी वजह से प्रियंका को पेट में दर्द है। इस पर परिजनों ने खिजराबाद अस्पताल के डॉक्टरों से संपर्क साधा लेकिन कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला। बाद में परिजनों ने आशा वर्कर से संपर्क साधा। आशा वर्कर ने डॉक्टरों से संपर्क किया, लेकिन डॉक्टरों ने इसका दोष आशा वर्कर पर मढ़ दिया, जिससे आशा वर्कर भड़क गईं। शंटी का कहना है कि आपरेशन के दौरान वह भी मौके पर मौजूद था और नीलम, ममता और आशा आपरेशन के समय अंदर थी।

डॉक्टर ने मानी गलती
मौके पर पहुंचे डीएसपी बिलासपुर ने दोनों पक्षों की बैठक कर खिजराबाद के सरकारी अस्पताल में बातचीत करवाई। वहां डॉ वीके जैन ने अपनी गलती स्वीकारते हुए माफी मांगी और कहा कि वे भविष्य में कभी भी प्रकार की टिप्पणी या बयानबाजी नहीं करेंगे।
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