संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जगाधरी बस अड्डे की रोशनी फिर गुल हो गई है। जनवरी के अंतिम सप्ताह में मामला उठने के बाद जिन लाइटों को ठीक कराया गया था, वे सप्ताहभर भी ठीक से नहीं चल पाईं और दोबारा खराब हो गईं। ऐसे में एक बार फिर शाम ढलते ही पूरा बस स्टैंड अंधेरे में डूब जाता है। लाइटों के इतनी जल्दी खराब होने से रखरखाव व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
बस स्टैंड परिसर में एक हाई मास्ट लाइट और नौ स्ट्रीट लाइटें कई महीनों से बंद पड़ी थी। हाल ही में रोडवेज जीएम संजय रावल के निर्देश पर इन्हें ठीक कराया गया था, लेकिन एक सप्ताह भी पूरा नहीं हुआ कि रोशनी फिर गायब हो गई। वर्तमान में केवल बस अड्डे के भवन के ऊपर लगी कुछ लाइटें ही जल रही हैं, जबकि परिसर और प्लेटफॉर्म क्षेत्र अंधेरे में डूबे रहते हैं।
जगाधरी बस अड्डा जिले का प्रमुख यातायात केंद्र है। यहां से यमुनानगर, अंबाला, चंडीगढ़, नारायणगढ़, छछरौली, प्रतापनगर समेत आसपास के जिलों और राज्यों के लिए रोजाना बसें संचालित होती हैं। प्रतिदिन सैकड़ों यात्री यहां से आवागमन करते हैं। पर्याप्त रोशनी न होने के कारण यात्रियों को बसों का इंतजार अंधेरे में करना पड़ता है। अंधेरे से सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी बढ़ गई हैं।
रात में रोशनी न होने से जेबकतरे और अन्य शरारती तत्व सक्रिय हो जाते हैं। विशेषकर महिला यात्रियों और बुजुर्गों को अधिक दिक्कत का सामना करना पड़ता है। बसों में चढ़ते-उतरते समय रोशनी के अभाव में गिरकर चोटिल होने का खतरा भी बना रहता है।
खराब लाइटों का मामला उठाने पर ठीक कराया गया था। अ लाइटें दोबारा बंद हो गई हैं। सप्ताहभर में लाइटें इतनी जल्दी दोबारा कैसे खराब हो गईं। क्या घटिया सामग्री का इस्तेमाल हुआ या तकनीकी खामी दूर नहीं की गई। यह सब जांच का विषय है। यात्रियों ने मांग की है कि बस अड्डे की सभी हाई मास्ट और स्ट्रीट लाइटों को स्थायी रूप से दुरुस्त कराया जाए और नियमित निगरानी की व्यवस्था की जाए।
जगाधरी बस अड्डे पर काम चल रहा है। हो सकता है कि कोई तार कट गया हो। लाइटें फिर से कैसे बंद हो गई इसका पता किया जाएगा। यदि लाइटें खराब या बंद हैं तो उन्हें ठीक करा दिया जाएगा। - संजय रावल, महाप्रबंधक, यमुनानगर डिपो।