यमुनानगर। जगाधरी-पांवटा साहिब नेशनल हाईवे वाहन चालकों के लिए सुरक्षित नहीं है। हाईवे पर खामियों की भरमार है। वहीं जिम्मेदार इसके प्रति बेपरवाह हैं। खासकर प्रतापनगर से आगे कलेसर के पास जहां तीव्र मोड़ हैं, वहां लगी रेलिंग भी टूटी हुई है। शहरी क्षेत्र में हाईवे के डिवाइडर पर बड़ी-बड़ी झाड़ियां उगी हैं। हाईवे की सुरक्षा का मुद्दा कई बार रोड सेफ्टी की बैठक में उठ चुका है, लेकिन एनएचएआई के अधिकारी इसे गंभीरता से नहीं ले रहे।
प्रतापनगर से आगे नेशनल पार्क कलेसर के घने जंगल के बीचोबीच से नेशनल हाईवे गुजर रहा है। वहीं अराइयांवाला से आगे हाईवे टू-लेन से सिंगल लेन हो गया है। ऐसे में सड़क तंग होने और जगह-जगह तीव्र मोड़ होने से हाईवे पर हर समय हादसे का खतरा रहता है। ढलान व तीव्र मोड़ के कारण हादसा न हो, इसके लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया की तरफ से मोड़ पर रेलिंग लगाई गई थी, परंतु यह कई जगह से टूट चुकी है। यदि मोड़ पर कोई वाहन अनियंत्रित हो जाए तो रेलिंग टूटी होने से सीधा नीचे गहरी खाई में जाएगा। वहीं हाईवे के बरम भी कई जगह पर क्षतिग्रस्त पड़े हैं। बारिश के पानी से हाईवे की सड़क व बरम में काफी अंतर आ गया है। दो दिन पहले ही प्रतापनगर में अनियंत्रित डंपर सड़क किनारे खड़े खाली ऑटो को टक्कर मारने के बाद काफी दूर तक घसीटता ले गया था। गनीमत रही कि ऑटो में कोई नहीं था।
विदित हो कि नेशनल हाईवे पर जहां तक नगर निगम का क्षेत्र पड़ता है, वहां हाईवे के बीच में डिवाइडर बना हुआ है परंतु इस पर कहीं भी लोहे की ग्रिल नहीं लगी है। वहीं लोगों ने दर्जनों की संख्या में अवैध कट बना लिए हैं। इससे हर समय हादसे का खतरा बना रहता है।
बैठक में जवाब लिया जाएगा : हैरतजीत कौर
जिला परिवहन अधिकारी हैरतजीत कौर ने बताया कि जगाधरी-पांवटा साहिब नेशनल हाईवे की खामियों को दूर करने के लिए रोड सेफ्टी की बैठक में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे। यदि खामियों को दूर नहीं किया गया है तो इसे लेकर आगामी बैठक में रिपोर्ट ली जाएगी। इसके बाद संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।