संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। तेजली स्टेडियम के कुश्ती खिलाड़ी राघव की राष्ट्र स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता के लिए जगह पक्की हो गई है। राघव ने हिसार में हुई राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में रजत पदक जीता था। खेल प्रदर्शन के आधार पर राघव का चयन 21-22 जून को महाराष्ट्र के नागपुर में होने वाली राष्ट्र स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता में हो गया है, जहां राघव हरियाणा का प्रतिनिधित्व करेगा।
राष्ट्र स्तर पर पदक जीतने के लिए राघव तेजली स्टेडियम में कोच अमित कुमार की देखरेख में सुबह-शाम तीन-तीन घंटे खेल अभ्यास कर रहा है। कोच ने बताया कि राघव जगाधरी का रहने वाला है। चार साल पहले राघव को उसके पिता राकेश कुमार उनके पास लेकर आए। तब राकेश कुमार ने कहा था कि बेटे को पहलवान बना दो। राघव की भी शुरुआत से कुश्ती के प्रति लगन नजर आई।
राघव ने कई प्रतियोगिताएं में हिस्सा लिया। जीत न मिलने पर भी राघव पीछे नहीं हटा। राघव खेल से जुड़ा रहा और रोज सुबह-शाम तेजली स्टेडियम में आकर तीन-तीन घंटे खेला अभ्यास किया। राघव ने उनकी कहीं हर बात मान खेल की बारीकियां समझता गया। इन सबका फल राघव को गत सात जून को हिसार के गांव सिसाय में हुई राज्य स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता में मिला, जहां रजत ने अंडर-15 की ग्रीको रोमन स्टाइल कुश्ती के 52 किग्रा. भारवर्ग में रजत पदक हासिल किया।
यह राघव की चार साल के खेल में पहली और सबसे बड़ी उपलब्धि है। इससे राघव का चयन महाराष्ट्र के नागपुर में होने वाली राष्ट्र स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता में हो गया है, जहां राघव हरियाणा का प्रतिनिधित्व करेगा। पूरा विश्वास है कि राघव नागपुर की राष्ट्र स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता से भी पदक लेकर आएगा।
रोज छह घंटे अभ्यास व डाइट पर फोकस
राघव ने बताया कि राज्य स्तर पर रजत पदक जीतने का श्रेय कोच अमित कुमार को जाता है। उनकी वजह से ही यह मुकाम मिल पाया। साथ ही पिता ने भी खेल में आगे बढ़ने के लिए हर संभव सहयोग किया। अब राष्ट्र स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता में पदक जीतने की ठानी है, जिसके लिए तेजली स्टेडियम में रोज छह घंटे कोच अमित कुमार की देखरेख में अभ्यास जारी है। साथ ही डाइट का भी पूरा ध्यान रख रहा हूं।