यमुनानगर। जिले में सोमवार का दिन इस सीजन में सबसे गर्म रहा। जिले का अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। इसी के साथ ही न्यूनतम तापमान भी दो डिग्री की बढ़ोतरी के साथ 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यानी दिन में तो गर्मी ने सताया ही, रात में भी चैन मिलने वाला नहीं है।
सोमवार को पड़ने वाली गर्मी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सुबह 10 बजे से ही गर्म हवा चलने लगी थी। कुछ ही देर में लू के थपेड़ों ने लोगों को झुलसा कर रख दिया। लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया। सड़कें वीरान सी हो गई। दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा। बाइक पर गर्म हवा काफी परेशान कर रही है। लू से बचने के लिए लोग चेहरों को कपड़े से पूरी तरह से ढककर कर चलते दिखे।
मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार के बाद से मौसम परिवर्तनशील रहेगा। आसमान में बादल छाएंगे और अंधड़ भी चल सकती है। इसी के साथ ही हल्की बारिश लोगों को गर्मी से राहत देगी। इससे अधिकतम व न्यूनतम तापमान में गिरावट आएगी। जिस कारण महीने के वीक एंड में लोगों को काफी राहत मिलने वाली है। गर्मी के कारण लोगों की तीन व स्कूल, कॉलेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की तीन-तीन सरकारी छुट्टियों का मजा किरकिरा हो गया है। इतनी गर्मी में वह न तो बाजार में कोई खरीदारी करने जा पाए और न ही आसपास कहीं घूमने जा सके।
लोग बोले, शीतल पेय से भी नहीं राहत
सरोजनी कॉलोनी के अशोक कुमार, विकास व रितु ने बताया तीन-चार दिन से गर्मी बहुत ज्यादा होने लगी है। गर्मी की वजह से घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। लोग अपने घरों में ही कैद होकर रह गए हैं। गर्मी से बचने के लिए कोल्ड ड्रिंक, जूस या नींबू की शिकंजवी आदि पीते हैं। इनसे कुछ मिनट तो राहत मिलती है लेकिन थोड़ी देर बाद फिर से गर्मी पसीने छुड़ा देती है। अब तो बारिश होने से ही कुछ राहत मिल सकती है।
अघोषित कटों ने बढ़ाई दिक्क्त
गर्मी के तेज होते ही बिजली के अघोषित कटों ने भी लोगों की दिक्कत बढ़ा दी है। बिजली कटों के बारे में लोगों को सूचना भी नहीं दी जा रही। बिलासपुर निवासी अनिल कुमार, विनोद कुमार, बलिंद्र व राजीव ने बताया कि कस्बे में सुबह करीब साढ़े सात बजे बिजली बंद हो गई थी। दो घंटे से ज्यादा बिजली बंद रही। कट भी ऐसे समय लगाया जाता है जब लोग सुबह अपने काम पर जाने के लिए तैयार होते हैं। बिजली बंद होते ही पानी का संकट गहरा जाता है। बिजली न होने से लोग ट्यूबवेल से पानी भी नहीं भर पाते हैं। लोगों का कहना है कि कट लगाना ही है तो सुबह नौ बजे के बाद लगाया जाए या फिर पहले सूचना दी जाए ताकि लोग अपने जरूरी कार्य कट लगने से पहले पूरे कर सकें।