यमुनानगर। जिले के सभी मेडिकल स्टोर संचालक, कैमिस्ट एवं फार्मेसी की दुकान संचालकों को अपनी दुकान के अंदर और बाहर सीसीटीवी लगाने होंगे। प्रशासन की ओर से ऐसी दुकानों में सीसीटीवी अनिवार्य कर दिए गए हैं। वहीं, जो संचालक ऐसा नहीं करेगा उसके खिलाफ विभिन्न धाराओं में कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए औषधि विभाग के अधिकारी जांच करेंगे, यदि इस दौरान कमियां मिलती है, तो लाइसेंस तक रद्द किया जा सकता है।
दुकान संचालकों को यह सीसीटीवी 30 दिन के भीतर लगाने होंगे। ऐसा लोगों विशेषकर किशोरों व युवाओं में बढ़ती नशाप्रवृत्ति पर अंकुश लगाने व तस्करी रोकने के लिए किया जा रहा है। इसके लिए डीसी की ओर से आदेश जारी किए गए हैं। डीसी कैप्टन मनोज कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय बाल अधिकारी संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के सहयोग से बच्चों में नशीली दवाओं और पदार्थों के दुरुपयोग व अवैध तस्करी रोकने को लेकर संयुक्त कार्य योजना तैयार की है।
डीसी ने कहा कि ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट 1940 के नियम 65(3) के अनुसार जिले की सभी मेडिकल, फार्मेसी, केमिस्ट दुकानें जो अनुसूचित एक्स या एच दवाएं बेचती हैं, वे 30 दिन में अपनी दुकानों के अंदर व बाहर सीसीटीवी लगाएं। सभी मेडिकल, फार्मेसी दुकानदारों को सीसीटीवी लगाने के लिए एक महीने का समय दिया गया है। सीसीटीवी की फुटेज जिला औषधि नियंत्रण प्राधिकरण, सीडब्ल्यूपीओ की ओर से किसी भी समय रेंडम तरीके से चैक किया जा सकता है। यदि कोई मेडिकल, फार्मेसी दुकानदार आदेश का पालन करने में विफल रहता है, तो ऐसे व्यक्ति व मालिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।