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एमबीबीवाई से बीमा कंपनियां रहेंगी दूर, सब्जी, फल खराब होने पर सरकार देगी मुआवजा

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, यमुनानगर। मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना (एमबीबीवाई) में किसानों को खराब हुई सब्जी व फलों का मुआवजा लेने के लिए बीमा कंपनियों के पीछे भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। सरकार ने एमबीबीवाई से बीमा कंपनियों को दूर ही रखा है। जबकि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में बीमा का प्रीमियम लेने से लेकर मुआवजा देने तक सारा काम बीमा कंपनी का होता है। बागवानों को अपनी सब्जी, फल व मसाले का प्रीमियम सीधे सरकार के खाते में जमा कराना होगा। जिस खाते में प्रीमियम जमा होगा उसी में से प्रभावित किसान को खराब फल, सब्जी व मसाले का मुआवजा दिया जाएगा।
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एमबीबीवाई योजना के तहत सरकार पूरे प्रदेश में एक बैंक खाता अलग से खुलवाएगी। जो किसान फल, सब्जी व मसाले का बीमा कराना चाहते हैं उनका प्रीमियम इसी बैंक खाते में जमा होगा। इस योजना का लाभ लेने के लिए सब्जी व फल उत्पादक किसान को मेरी फसल, मेरा ब्योरा में रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है। सब्जी व मसाले के लिए 750 रुपये व फल के लिए 1000 रुपये प्रति एकड़ प्रीमियम किसान को देना होगा।
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नुकसान के आंकलन को बनेगी जिलास्तरीय कमेटी
जिन किसानों की गेहूं, धान समेत अन्य फसलें प्राकृतिक आपदा से खराब होती हैं उनमें प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत नुकसान का आंकलन बीमा कंपनी करती है। मुआवजा राशि देने से बचने के लिए नुकसान को कम दिखाती हैं। कई बार तो अनेक चक्कर काटने के बाद भी मुआवजा न के बराबर बीमा कंपनी देती है। जबकि मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना के तहत खराब होने वाली सब्जी व फल के नुकसान का आंकलन करने के लिए जिलास्तरीय कमेटी बनेगी। जिसमें डीसी, जिला बागवानी अधिकारी समेत अन्य विभागों के अधिकारी होंगे। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर किसानों को जल्दी व पूरा मुआवजा मिलेगा।
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14 सब्जी, पांच फल व दो मसाले योजना में शामिल
इस योजना में ओलावृष्टि, तापमान, पाला, जल कारक (बाढ़, बादल फटना, नहर-ड्रेन का टूटना, जलभराव), आंधी-तूफान व आग से फसल नुकसान को मुख्य कारणों में शामिल किया गया है। टमाटर, प्याज, आलू, फूलगोभी, मटर, गाजर, घीया, करेला, बैंगन, हरी मिर्च, शिमला मिर्च, पत्तागोभी, मूली, दो मसाले (हल्दी, लहसुन) और पांच फल (आम, किन्नू, बेर, अमरूद, लीची) की फसल को नुकसान होने पर मुआवजा मिलेगा।सब्जी व मसाले के लिए 30000 रुपये प्रति एकड़ व फलों के लिए 40000 रुपये प्रति एकड़ मुआवजा मिलेगा। मुआवजा को चार श्रेणी 25, 50, 75 व 100 प्रतिशत में बांटा गया है।
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वर्जन
मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना से बीमा कंपनियों को बाहर रखा गया है। इसमें सरकार ही सब्जी, फल व मसाले का प्रीमियम लेगी और सरकार ही मुआवजा देगी। नुकसान का आंकलन करने के लिए जिलास्तर पर एक कमेटी बनाई जाएगी। यह सब्जी, फल उत्पादकों के लिए काफी अच्छी योजना है।
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डॉ. कृष्ण कुमार, जिला बागवानी अधिकारी, यमुनानगर।
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