संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन सक्रिय हो गया है। उपायुक्त के निर्देश पर यातायात पुलिस, आरटीए और शिक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने स्कूल बसों की विशेष जांच अभियान चलाया। अभियान के तहत पहले चरण में साढौरा व प्रतापनगर क्षेत्र में 79 स्कूल बसों की जांच की गई, जिनमें से 10 बसों में खामियां मिलने पर चालान किए गए।
सड़क सुरक्षा की बैठक के बाद जिले में संचालित शेष 547 स्कूल बसों की एक सप्ताह के भीतर जांच पूरी की जानी है। हाल ही में आयोजित रोड सेफ्टी समिति की बैठक में उपायुक्त ने स्कूल वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अधिकारियों से जवाब-तलब किया था और सभी बसों की सघन जांच करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद संबंधित विभागों ने संयुक्त रूप से अभियान शुरू किया।
जांच के दौरान बसों में सुरक्षा मानकों, फिटनेस प्रमाणपत्र, अग्निशमन यंत्र, प्राथमिक उपचार किट, स्पीड गवर्नर, सीसीटीवी कैमरे, जीपीएस सिस्टम और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जांच की गई। कई बसों में निर्धारित मानकों का पालन नहीं पाया गया, जिसके चलते कार्रवाई की गई। सहायक जिला ट्रांसपोर्ट अधिकारी हरप्रीत रंधावा ने बताया कि आरटीए विभाग की ओर से नियमों का उल्लंघन करने वाली 10 बसों के चालान कर 34 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
बच्चों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूल प्रबंधन एवं वाहन संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन ने सभी स्कूल संचालकों को निर्देश दिए हैं कि वे अपनी बसों में निर्धारित सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करें, ताकि विद्यार्थियों का सफर सुरक्षित और सुगम बनाया जा सके। आगामी दिनों में जिले के अन्य क्षेत्रों में भी जांच अभियान जारी रहेगा।
जिला सचिवालय में आयोजित सड़क सुरक्षा की बैठक में उपायुक्त प्रीति ने स्कूल बसों की जांच की धीमी रफ्तार पर नाराजगी जताई थी। बैठक में बताया गया कि जिले में संचालित करीब 950 स्कूल बसों में से अब तक केवल 403 बसों की जांच हो सकी है। इस पर डीसी ने अधिकारियों से सवाल किया कि जब एक महीने में 403 बसों की जांच हुई है तो शेष 547 बसों की जांच एक सप्ताह में कैसे पूरी होगी।
उन्होंने परिवहन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को 30 जून तक सभी स्कूल बसों की अनिवार्य जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डीसी ने कहा कि एक जुलाई से नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो रहा है, इसलिए विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूलों और वाहन संचालकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। - विश्वनाथ, एसडीएम जगाधरी।