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जेल की सुरक्षा में सेंध, अंदर बैठे कैदी चला रहे मोबाइल

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जिला जेल में कैदियों से मिल रहे मोबाइल, सुरक्षा में सेंध - फोटो : YAMUNA NAGAR
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जगाधरी स्थित जिला जेल की सुरक्षा पर एक बार फिर सवालिया निशान लग गया है। इतनी सुरक्षा होने के बावजूद जेल के अंदर कैदियों से मोबाइल मिलने का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा। अंदर बैठे ही कैदी मोबाइल चला रहे है। अंदर बैठकर ही आरोपी जेल के बाहर की सूचनाओं को आदान प्रदान कर रहे है। चंदौसी में दो सिपाहियों की गोली मारकर हत्या कर तीन कैदियों के फरार होने की वारदात के बाद जेल प्रशासन ने जेल में बंद कैदियों के बैरकों की जांच की। जांच के दौरान ब्लॉक नंबर चार के दो कमरों में बंद चार कैदियों से दो मोबाइल बरामद किए गए। पकड़े जाने से पहले ही आरोपी कैदियों ने एक मोबाइल की सिम तोड़ दी थी। पुलिस ने मामले में चारों कैदियों के खिलाफ केस दर्जकर जांच शुरू कर दी है। सवाल अब भी वही है। जब जेल की सुरक्षा पुख्ता है तो इसमें कैसे सेंध लग रही है। इतनी सुरक्षा के बावजूद अंदर मोबाइल कैसे पहुंच रहे हैं। हालांकि जेल प्रशासन का दावा है कि जेल में पुख्ता सुरक्षा है।
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अल सुबह की जांच तो कैदियों के पास से बरामद हुए मोबाइल : जिला जेल में बाथरूम, प्रांगण व अन्य स्थानों पर मोबाइल मिलने की घटनाओं के बाद जिला जेल डिप्टी सुपरीटेंडेंट राजिंद्र सिंह ने टीम के साथ जेल के बैरकों की जांच की। राजिंद्र सिंह ने बताया कि अल सुबह करीब साढ़े पांच बजे ब्लॉक नंबर चार के कमरा नंबर एक में गए। जहां पर लूट के आरोपी में बंद कैदी मनविंद्र सिंह व अन्य केसों में विचाराधीन आरोपी रोहित व ऋषिपाल सोए हुए थे। जब पुलिस ने कमरे का गेट खोला तो आरोपी हड़बड़ा का उठ गए। पुलिस ने शक के आधार पर जब उनकी जांच की तो उनके पास से एक मोबाइल, बैटरी व क्षतिग्रस्त किया हुआ सिम बरामद हुआ। आशंका है कि आरोपी कैदियों ने उनके आने के बाद सिम क्षतिग्रस्त किया। इसके बाद वे जांच करते ब्लॉक नंबर चार के रूम नंबर दो में गया। जहां बराड़ा क्षेत्र के शक्ति सिंह से मोबाइल बरामद किया गया। आरोपियों के पास से मिले मोबाइल को कब्जे में लेकर इसकी सूचना शहर जगाधरी पुलिस को दी। पुलिस ने दोनों मामलों में चारों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कार्रवाई शुरू कर दी।
छह माह में मिल चुके हैं दर्जनभर मोबाइल : जिला जेल में बीते छह माह में जेल से दर्जन भर मोबाइल मिल चुके हैं। इसके अलावा तीन दिसंबर 2016 को जेल के अंदर एक पैकेट मिला था। तलाशी लेने पर पैकेट के अंदर से आठ मोबाइल, चार चार्जर मिले थे। जबकि इसके कुछ दिन बाद ही एक अन्य पैकेट मिला था, जिसमें तीन मोबाइल, चार बैटरी व एक चार्जर था। इसके अलावा पैकेट में बीड़ी व तंबाकू भी था। हालांकि अधिकारियों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि किसी ने जेल के अंदर बाहर से मोबाइल फेंके हैं। क्योंकि जेल की एक दीवार खेतों से लगती है।
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जेल में जैमर भी नहीं : जिला जेल के अंदर जैमर भी नहीं लगे हैं। जिससे जेल के अंदर इस्तेमाल हो रहे मोबाइल नेटवर्क को जाम किया जा सके। काफी समय से जेल में जैमर लगाए जाने की बात कही जा रही है परंतु अब तक ऐसा नहीं हुआ। इसका फायदा जेल के अंदर बंद कैदी उठा रहे हैं। अब तक दर्जनों कैदियों से मोबाइल मिल चुके हैं। फिर भी जेल में जैमर लगाने को गंभीरता से नहीं लिया गया।
जिला जेल डिप्टी सुपरीटेंडेंट राजिंद्र सिंह का कहना है कि जिला जेल में आने वाले हर व्यक्ति की गहनता से जांच की जाती है। जांच के बाद ही उन्हें कैदियों से मिलने दिया जाता है। पहले खेतों के रास्ते दीवारों से मोबाइल फेंकने की बात सामने आई थी। इसके लिए भी सुरक्षा बढ़ाई हुई है।
शहर जगाधरी एसएचओ मनोज कुमार का कहना है कि जेल डिप्टी सुपरीटेंडेंट की शिकायत पर उन्होंने चारों कैदियों पर केस दर्जकर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। कैदी किससे बात कर रहे थे, इसके लिए साइबर सेल की मदद ली जा रही है।
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