अवैध माइनिंग को लेकर प्रधानमंत्री की तरफ से प्रदेश सरकार को भेजी गई चिट्ठी के बाद वीरवार को माइनिंग डायरेक्टर अमिताभ ढिल्लो जांच के लिए यमुनानगर पहुंचे। उन्होंने बेलगढ़ बांध, कन्यावाला, नवाजपुर, मालीमाजरा, लक्कड़ आदि जगह पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्हें कई जगह पर अवैध खनन के निशान मिले। जिस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई। ग्रामीणों द्वारा बताए गए प्वाइंट की उन्होंने खुद अपने कैमरे से तस्वीरें ली। इस दौरान उनके साथ जिला खनन अधिकारी राजीव धीमान और डीएसपी आशीष चौधरी समेत तमाम थानों के एसएचओ मौजूद रहे।
वहीं प्रधानमंत्री को शिकायत भेजने वाले अशोक गुर्जर इस निरीक्षण से संतुष्ट नहीं है। न तो अधिकारियों ने मुझे सूचना दी और न ही मौके पर बुलाया। माइनिंग डायरेक्टर एकतरफा जांच करके चले गए हैं। अगर मुझे साथ लेकर जाते तो उन्हें माइनिंग माफिया की करतूत दिखाता कि किस तरह यमुना और उसके आसपास की जमीन में बड़े पैमाने पर अवैध खनन किया गया है। उन्होंने बताया कि मैंने जून में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शिकायत भेजी थी कि जिले में अधिकारियों की मिलीभगत से चल रहे अवैध खनन को रोका जाए। जिस पर भारत सरकार के अवर सचिव अधीर कुमार मलिक का एक पत्र पिछले सप्ताह मुझे मिला था। जिसमें खनन और भू विज्ञान विभाग हरियाणा सरकार के निदेश को निर्देेश दिए गए थे कि इस मामले में उचित कार्रवाई करते हुए सीधे शिकायतकर्ता को सूचित किया जाए। हाल ही में मुझे अधिकारियों के फोन भी आए थे, लेकिन वीरवार को माइनिंग डायरेक्टर के निरीक्षण के बारे में कोई सूचना नहीं दी गई।
ग्रामीणों ने दिखाएं अवैध खनन के निशान : माइनिंग डायरेक्टर ने सबसे पहले कलेसर विश्राम गृह में ग्रामीणों से खनन संबंधी शिकायतें सुनी। नवाजपुर, लक्कड़, भीलपुरा, मालीमाजरा, कन्या वाला, बेलगढ़ आदि एक दर्जनों गांव के ग्रामीण मिले और माइनिंग डायरेक्टर से मिलकर ग्रामीणों ने खनन संबंधी समस्या रखी। उन्होंने विभाग द्वारा पुलिस में खनन तस्करों के खिलाफ दर्ज की गई शिकायतों पर भी सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए। इस दौरान पूर्व सरपंच नवाजपुर, मौजूदा सरपंच सुशील कुमार, संजू, प्रमोद, रामकुमार, रिशिपाल, संजय बलिंदर, वेद प्रकाश, धनीराम आदि ने बताया कि खनन करने वालों ने बेलगढ़ बांध को भी नहीं छोड़ा। जिससे उनके गांव में बरसात के सीजन में बाढ़ आने का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने माइनिंग डायरेक्टर से गुहार लगाई कि बेलगढ़ क्षेत्र में हो रहे अवैध खनन पर पूर्ण पर प्रतिबंध लगाया जाए, जबकि यहां पर किसी भी तरह के खनन कि कोई परमिशन नहीं है।
खनन जोन में हड़कंप, बंद रहा काम : माइनिंग डायरेक्टर आने की सूचना फैलते ही खनन जोन में हड़कंप मच गया। खनन जोन में सन्नाटा छा गया और माफिया के कारिंदे ट्रैक्टर ट्रॉली और जेसीबी लेकर खिसक लिए। साथ ही क्रशर और स्क्रीनिंग प्लांटों पर भी काम बंद कर दिया गया। देर रात तक खनन का काम सुचारू नहीं हो पाया था।
मीडिया से बनाई दूरी : माइनिंग डायरेक्टर से मीडियाकर्मियों ने बात करने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने निरीक्षण पूरा करने के बाद जानकारी देने की बात कही, लेकिन वे मीडिया को कोई जानकारी दिए बिना ही चले।
माइनिंग विभाग के निदेशक निरीक्षण के लिए आए थे। निरीक्षण के बाद उन्होंने अपनी रिपोर्ट तैयार की है। वे किस शिकायत की जांच करने पहुंचे, यह हमें नहीं बताया गया। हमसे जो पूछा गया था, हमने उसकी डिटेल उनको शेयर की है।
- राजीव धीमान, जिला खनन अधिकारी