23 सितंबर 2018 को आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत हुई। शुरुआती दौर में जिला के 10 प्राइवेट अस्पताल इससे जुड़े। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि जन-जन तक पहुंचाने के लिए इसका खूब प्रचार-प्रसार किया गया। बाकायदा के 22 सक्षम युवाओं को जोड़ा गया। जिसमें 11 टीमों का गठन किया गया। हर टीम में चार-चार सदस्य शामिल किए गए। यहां तक वार्ड, ब्लॉक वाइज तथा पंपलेट बांट कर लोगों को आयुष्मान के प्रति जागरूक किया। किंतु अमर उजाला में के पास अधिकतर ऐसे लोगों ने कॉल किया जिन्हें योजना के बारे में जानकारी ही नहीं है। उनके अनुसार कार्ड कहां और कैसे अप्लाई होगा इसकी उन्हें जानकारी ही नहीं।
ये योजना क्या है और कैसे बनेगा कार्ड : जगाधरी की आरती ने कॉल कर पूछा कि आयुष्मान योजना क्या है और इसका कार्ड कहां से बनेगा। इसी तरह बुड़िया निवासी रमेश चंद ने कहा कि आयुष्मान कार्ड कहां बनाए जा रहे और इसके लिए क्या-क्या करना होगा। यदि इसकी कोई फीस है वह भी बता दें। इतना नहीं गांव ऊंचा चंदना के सुभाष ने बताया कि वह दिव्यांग है। वह इस योजना का लाभ लेना चाहता है परंतु इसके बारे में उसे कोई जानकारी नहीं। इसी तरह बहुत सी कॉल अलग-अलग जानकारी के लिए आ रहे हैं। जिससे पता चलता है बहुत से लोगों को आयुष्मान भारत योजना के बारे में ज्ञान नहीं है। जबकि स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि प्रचार-प्रसार के लिए टीमें गांव-गांव व शहर में भेजी गई।
इतनों ने लिया अब तक लाभ : आयुष्मान योजना के तहत जिले से 5019 पात्र इसका लाभ पा चुके हैं। जिनमें प्राइवेट अस्पतालों से 3682, सिविल अस्पताल यमुनानगर से 660, जगाधरी अस्पताल से 531 तथा सीएचसी से 154 ने अभी तक लाभ पाया है। इनपर तीन करोड़ 90 लाख का खर्च आया है तथा अभी तक एक लाख 30 हजार कुल कार्ड बने हैं।
ये अस्पताल जुड़े हैं आयुष्मान योजना से : स्वामी विवेकानंद मल्टी स्पेशियलिटी, आई क्यू विजन प्राइवेट लिमिटेड, महेंद्रा अस्पताल, एनके यूरोलॉजी मैटरनिटी, गोयल अस्पताल, गाबा अस्पताल, गर्ग ईएनटी अस्पताल, कपिल अस्पताल, अग्रवाल अस्पताल, गोयल आई केयर सेंटर जगाधरी, गुलाटी अस्पताल, विशाल अस्पताल, कोहली अस्पताल, वरदान अस्पताल, संतोष अस्पताल, केयर पार्टनेर्स हार्ट सेंटर आदि शामिल हैं।
आयुष्मान योजना के बारे में जिले में प्रचार-प्रसार किया गया है। इसके लिए 22 सक्षम युवाओं की टीम बनाई गई। जो अलग-अलग दिशा में कार्य कर रही है। और यह प्रचार-प्रसार आगे भी जारी रहेगा।
- डॉ. विजय दहिया, जिला नोडल अधिकारी, आयुष्मान विभाग।