संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले के उद्योगों को हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने रेड, ऑरेंज, ग्रीन और व्हाइट वर्गों में बांटा हुआ है। एक समय था जब जिले में उद्योगों की संख्या बहुत कम हुआ करती थी, लेकिन समय के अनुसार इनकी संख्या में भी इजाफा होता चला गया। ऐसे में आज इनकी संख्या एक हजार से अधिक हो चुकी है।
हालांकि इन उद्योगों से जिले को विदेशों में भी ख्याति मिली, वहीं टैक्स देकर सरकार के खजाने को भी भरने का काम किया है तथा उद्योगों से युवाओं को भी रोजगार मिला है, किंतु पर्यावरण पर इनका असर न पड़े इसके लिए चार वर्गों में इन उद्योगों को बांटा जा चुका है। हर वर्ग अलग-अलग कैटेगिरी के अनुसार है।
रेड वर्ग में इंडस्टीज, ऑटोमोबाइल, ऑयल एंड पेट्रोलियम, कोक मेकिंग, माइनिंग, शुगर, मिल्क प्रोसेस एंड डेयरी, ओर्गेनिक केमिकल मैन्यूफेक्चरिंग, फायर क्रेकर्स, फाइबर ग्लास प्रोडक्शन व प्रोसेसिंग, पल्प एंड पेपर, सीमेंट, मैन्यूफेक्चरिंग ग्लू एंड गेलथीन, फोटोग्राफिक्स फिल्म, थर्मल पावर प्लांट, शल्टर हाउस, एल्युमीनियम, ऑयल रिफाइनरी, डिस्टलरी, वेजिटेबल ऑयल मैन्यूफेक्चरिंग, इंडस्ट्रीय इस्टेट, रिसाइकिंग ऑफ यूज लीड एसिड बैटरी, रेलवे स्टेशन इत्यादि शामिल हैं।
ऑरेंज वर्ग में बेकर एंड कन्फेक्शनरी यूनिट, फूड प्रोसेसिंग यूनिट, डेरी एंड डेरी प्रोडक्ट्स, मिल्क प्रोसेसिंग, आयुर्वेदिक मेडिसिन, गैस, सेरेमिक, सर्जिकल प्रोडक्ट, वायर मेकिंग, ट्रांसफार्मर, ऑयल पैकिंग, स्क्रैप ट्रेडिंग, फर्टिलाइजर, पेपर प्रोडक्टस, हैंडमेड पेपर, प्लाईबोर्ड मैन्यूफैक्चरिंग, कॉटन स्पाइनिंग, एल्युमीनियम कॉपर, फिस फीड, फीस प्रोसेसिंग, होटल, हिट ट्रीटमेंट, लिक्वड फ्लोर, न्यू हाई कंस्ट्रकशन, पोटाबेल एल्कोहल, प्रिटिंग इंक, प्रिटिंग प्रेस, थर्माकॉल, पेंट ब्लेंडिंग एंड मिक्सिंग इत्यादि शामिल हैं।
ग्रीन वर्ग बायोमास ब्रिक्यटीस, कैंडी, चिलिंग प्लांट,कोटन स्पाइनिंग, डेकोरेशन, फैक्टिलिटी ऑफ हैंडिंग, लेदर फुट वीयर, ऑयल मिल घानी एंड एक्सट्रक्शन, पॉवर लूमस, पफ्ड राइस, रेडी मिक्स सीमेंट, रिपॉसिंग ऑफ वेस्ट कॉटन, शाॅप मैन्यूफेक्चरिंग, डायर एंड ट्यूब रिट्रीटिंग इत्यादि शामिल हैं
व्हाइट वर्ग में एसेंबली ऑफ एयर कूलर्स, एसेंबली ऑफ बायसाइकिल, बायो फर्जिलाइजर, ब्लॉक मेकिंग, कॉटन एंड वूलन, इलेक्टि लैंप, इलेक्टिक्ल एंड इलेक्टि्रॉनिक्स आइटमस, फ्लाई ऐस ब्रिक्स, फाउंटेनस पेन मैन्यूफेक्टिचरिंग, ग्राउंड नट, हैंडलूम, लेदर कटिंग, मैन्यूफेक्चिरिंग ऑफ कॉयर, शूस, मेडिकल ऑक्सीजन, ओर्ग्रेनिक्स एंड इर्नोगैनिक्स, पैकिंग ऑफ पॉवरड मिल्क, रॉप, ऑटोमोबाइल, डीजल जेनरेटर, आटा चक्की इत्यादि शामिल हैं।
जिले में अलग-अलग वर्गाें में उद्योग स्थापित हैं, सभी पर्यावरण को ध्यान में रख विभागीय गाइडलाइन के अनुसार रेड, ऑरेंज, ग्रीन और व्हाइट वर्गों में जिले के उद्योगों को बांटा हुआ है। - विरेंद्र पूनिया, क्षेत्रीय अधिकारी,हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड यमुनानगर।