संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। तेजली खेल परिसर में 90 करोड़ की खेल परियोजना दो साल बाद भी कागजों से धरातल पर नहीं उतर पाई है। इससे जिले में सरकारी स्तर पर अभी भी ओलिंपिक से जुड़े अधिकांश इंडोर व आउटडोर खेलों की सुविधा खिलाड़ियों को नहीं मिल पाई है। इसके चलते खिलाड़ी जिले की निजी अकादमियों या अन्य जिलों व राज्यों का रुख करने पर मजबूर हैं।
पूर्व सीएम मनोहर लाल ने 26 जनवरी 2023 को तेजली खेल परिसर में खेल सुविधाओं को बढ़ाने और अन्य व्यवस्थाओं के सुधार के लिए 90 करोड़ खर्च करने की घोषणा की थी। इसके तहत खेल एवं युवा कार्यक्रम विभाग की ओर से पहले चरण में इंडोर खेलों के लिए तेजली खेल परिसर में विकास कार्य कराए जाने थे।
इससे जूडो, कबड्डी, ताइक्वांडो, रेसलिंग, बॉक्सिंग, लॉन टेनिस, आर्चरी, राइफल शूटिंग के खिलाड़ी बेहतर अभ्यास कर सकें और यहां विभिन्न स्तर की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा सके। ऐसे ही दूसरे चरण में हॉकी, फुटबॉल, एथलेटिक्स, टेबल टेनिस, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल, हैंडबॉल, बैडमिंटन जैसे आउटडोर खेलों के लिए सुविधाएं मुहैया कराई जानी हैं।
अभी जिले में सरकारी स्तर पर ज्यादातर इंडोर व आउटडोर खेलों की सुविधा नहीं हैं। तेजली खेल परिसर में इंडोर गेम्स के लिए बना मल्टीपर्पज हाल व आउटडोर खेलों के बने मैदान व ट्रैक भी खस्ताहाल हो रहे हैं। साथ ही कई खेलों के कोच नहीं है। खिलाड़ी अभ्यास व प्रशिक्षण के लिए जिले के निजी संस्थानों या फिर दूसरे जिलों व राज्यों की दौड़ लगाने पर मजबूर हैं। इसके लिए उन्हें धन खर्च करना पड़ता है। ऐसे में आर्थिक कमजोर खिलाड़ी चाहकर भी खेलों का प्रशिक्षण नहीं ले पाते हैं।
खिलाड़ी बोले - सुविधा मिले तो बचेगा धन खर्च
खिलाड़ी सन्नी, बंटी, अवि, अभिषेक ने बताया कि जिले में सरकारी स्तर पर इंडोर व आउटडोर खेलों की सुविधा न होने के कारण निजी खेल अकादमियों में खेल अभ्यास कर रहे हैं। इसमें धन अधिक खर्च हो रहा है। सरकारी स्तर पर सभी इंडोर व आउटडोर खेलों की सुविधा हो जाए तो खिलाड़ियों का काफी सहूलियत होगी और उनका धन खर्च बचेगा।
इंडोर-आउटडोर खेल परियोजना पर जल्द काम शुरू होगा। औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। - शिल्पा गुप्ता, जिला खेल अधिकारी, यमुनानगर।