यमुनानगर। यमुना नदी में बढ़े जलस्तर से रादौर के करीब दस गांवों में लगी फसल पर संकट मंडराने लगा है। इससे चिंतित किसान वीरवार को लघु सचिवालय पहुंचे। यहां उन्होंने डीसी को ज्ञापन देकर नदी में बढ़े जलस्तर को कम करने के लिए पानी का बहाव नहरों की ओर करने की मांग की। इस पर डीसी ने ग्रामीणों को समस्या को उचित समाधान किए जाने का आश्वासन देकर सिंचाई विभाग के एसई को मामले में कार्रवाई करने के निर्देश दिए है।
डीसी को दिए ज्ञापन में जिला परिषद् सदस्य शिव कुमार, रामकुमार, संजीव कुमार, रतनलाल, राजकुमार, रमेश, मोनू, अश्वनी ने बताया कि सब तहसील रादौर के दस गांवों की जमीन यमुना नदी के पार लगती है। ऐसे में यमुना नदी के किनाराें पर बसे किसानों की हजारों एकड़ फसल बरसात के सीजन में यमुना नदी में जलस्तर बढ़ने पर खराब हो जाती है। वहीं, कुछ समय से बरसात अधिक होने पर मौजूदा समय में भी नदी में पानी का बहाव तेज है, जो फसल को कभी भी खराब कर सकता है। ग्रामीणों ने बताया कि नदी किनारे से लगते सैकड़ों एकड़ खेतो में अधिकतर किसानों ने गन्ने की खेती कर रखी है, जो तैयार होकर शुगर मिल में जाने के लिए अंतिम चरण में है। ऐसे में यदि फसल खराब होती है तो किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा। इसीलिए किसानों की मांग है कि प्रशासन जल्द इस दिशा में नदी में पानी के बहाव को कम करने के लिए उसका रूख नहरों की ओर करे। डीसी ने किसानों की मांग पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
नदी किनारे लगते इन गांवों में समस्या: रादौर के रामगढ़, जठलाना, नकुम्भ, ढाकवाला, माजरी, नगला, नगली, प्रह्लादपुर, गुमथला, करहेड़ा आदि गांव यमुना नदी के किनारे लगते हैं, जहां बीते कुछ वषों में भी बाढ़ के कारण किसानाें की सैकड़ाें एकड़ फसल बर्बाद हो गई थी। अब जब यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है, तब किसानों को फिर से फसल को लेकर चिंता सताने लगी है।