संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शहरवासियों के कामकाज को सरल और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से नगर निगम कार्यालय में खोला गया सुविधा केंद्र इन दिनों लोगों के लिए राहत के बजाय परेशानी का कारण बन गया है। हालात यह हैं कि एक-दो दिन में निपटने वाले कामों के लिए लोगों को तीन से चार महीने तक निगम कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इसके बाद भी काम होगा या नहीं, इसकी कोई गारंटी नहीं है।
सुविधा केंद्र में न तो कोई स्पष्ट मार्गदर्शन मिल रहा है और न ही जिम्मेदार लोगों की समस्याएं सुनने को तैयार नजर आते हैं। मंगलवार को भी सुविधा केंद्र में विभिन्न कार्यों के लिए पहुंचे लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली। शहरवासी तो किसी तरह अपने काम निकलवा लेते हैं, लेकिन नगर निगम गठन के दौरान इसमें शामिल किए गए ग्रामीण क्षेत्रों के लोग सबसे अधिक परेशान हैं। उन्हें न तो प्रक्रियाओं की जानकारी है और न ही कोई उन्हें सही दिशा दिखाने वाला मिल रहा है।
मृत पत्नी का नाम फिर आईडी में जोड़ा
नेहरू पार्क के पास रहने वाले शत्रोहन प्रसाद ने बताया कि उनकी फैमिली आईडी पहले पत्नी सावित्री के नाम से बनी थी। पत्नी की वर्ष 2022 में मृत्यु हो जाने के बाद उन्होंने फैमिली आईडी से उनका नाम कटवा कर अपने नाम से नई आईडी बनवाई, जिसमें बेटे का नाम भी दर्ज है। नई आईडी बनने के बाद फिर से पत्नी का नाम जोड़ दिया गया। इस गलती के चलते उन्हें पिछले छह महीने से राशन नहीं मिल पा रहा है। कई महीनों से निगम कार्यालय और सुविधा केंद्र के चक्कर काट रहे है।
दस्तावेज की जानकारी नहीं मिल रही
रायपुर गांव की रेखा ने बताया कि उनके पास 180 वर्ग गज का प्लॉट है। कोर्ट में केस से संबंधित दस्तावेज देने के लिए उन्हें प्लॉट की फील्ड बुक की आवश्यकता है। प्लॉट की लोकेशन डिटेल पाने में ही उन्हें कई दिन लग गए। अब फील्ड बुक के लिए पूछने पर कोई यह बताने को तैयार नहीं है कि यह किस कार्यालय से मिलेगी। यदि सुविधा केंद्र में ही सभी सेवाओं की स्पष्ट जानकारी मिले तो आम जनता को राहत मिल सकती है।
पैसा जमा करने तीन माह से भटक रहा
जवाहर नगर निवासी राजिंद्र कुमार ने बताया कि उनके पास 265 वर्ग गज का प्लॉट है। आर्थिक जरूरत के चलते वह इसमें से 100 वर्ग गज का हिस्सा बेचना चाहते हैं। इसके लिए प्लॉट की आईडी बनवाने निगम कार्यालय गए तो उनसे डेवलपमेंट चार्ज के रूप में 42 हजार रुपये जमा करवाए गए। राशि जमा करने के बाद भी पिछले तीन महीनों से उन्हें कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। अब उनसे 60 हजार रुपये और जमा कराने को कहा जा रहा है।
सुविधा केंद्र में तैनात कर्मचारियों से कहा गया है कि वह सही जानकारी लोगों को दें, ताकि उन्हें बार-बार परेशान न होना पड़े। यदि लोगों को इस तरह की परेशानी आ रही है तो इसके बारे में पता करवा कर कमी को दूर किया जाएगा। - सुमन बहमनी, मेयर यमुनानगर जगाधरी नगर निगम।
शत्रोहन प्रसाद
शत्रोहन प्रसाद
शत्रोहन प्रसाद