विदेश से पार्सल भेजने व टिकट रद करने के नाम पर लाखों ठगे
चार दिन में साइबरों ठगों ने तीन लोगों को ठगा, पुलिस रोजाना कर रही जागरूक फिर भी हो रहे शिकार
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। चार दिन में तीन लोगों से साइबर ठगों ने लाखों रुपये की ठगी की। दो दिन पहले जहां साइबर ठगों ने जानकार के चार हजार रुपये गूगल पे भेजने का झांसा देकर भंभौली के सरकारी स्कूल के अध्यापक राज कुमार के खाते से ढाई लाख रुपये साफ कर दिए थे, वहीं अब साइबर ठगों ने पार्सल भेजने के नाम पर थाना छप्पर निवासी प्रिया से पांच लाख 96 हजार रुपये और सेक्टर 17 निवासी संजय कुमार से ऑनलाइन टिकट रद करवाने के नाम पर करीब चार लाख रुपये ठग लिए। इन दोनों मामलों में भी साइबर थाना पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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पहला केस
पार्सल भेजने के नाम पर ठगे 5.96 लाख रुपये
थाना छप्पर निवासी प्रिया के पास पार्सल भेजने के नाम पर अज्ञात व्यक्ति ने उससे पांच लाख 96 हजार रुपये ठग लिए। प्रिया ने साइबर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसके इंस्टाग्राम अकाउंट पर जुलाई माह में एक व्यक्ति ने फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज कर कहा कि वह स्कॉटलैंड में डाक्टर है। एक दिन आरोपी ने उसका व्हाट्सएप नंबर लेकर उस पर मैसेज भेजने लगा। 15 अगस्त को आरोपी ने उसे मैसेज भेज कर कहा कि उसने उसके लिए खरीदारी की है। 18 अगस्त को अनजान नंबर से कॉल करने वाली महिला ने कहा कि उसका पार्सल आया है जो मुंबई में होल्ड पर है। उसे क्लीयर करवाने के लिए साढ़े 45 हजार रुपये प्रिया ने यूनियन बैंक के खाते में पैसे जमा करा दिए। शाम को फिर से फोन आया कि पार्सल को कस्टम विभाग ने रोक लिया है। इसके लिए 85 हजार 900 रुपये जमा करवाने होंगे। प्रिया ने रुपये जमा करवा दिया। इसके बाद आरोपियों ने उससे अलग-अलग तारीख में करीब पांच लाख 96 हजार रुपये जमा करवा लिए। मगर उसे कोई पार्सल नहीं मिला। उसने मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मामले की जांच के बाद अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी
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दूसरा केस
ऑनलाइन टिकट रद करवाने के नाम पर चार लाख ठगे
साइबर ठगों ने सेक्टर 17 निवासी संजय कुमार से ऑनलाइन टिकट कैंसिल करवाने के नाम पर करीब चार लाख रुपये ठग लिए। संजय कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह पेपर मिल में नौकरी करता है। उसे वियतनाम जाना था। इसके लिए उसने ऑनलाइन टिकट बुक कराई थी। वापसी की टिकट 26 सितंबर के बजाय 28 सितंबर की बुक हो गई। जिसे चेंज करवाने के लिए उसने गूगल से माय ट्रिप डॉट कॉम पर विजिट कर कस्टमर केयर का नंबर लिया। वहां से मिले नंबर पर कॉल कर उसने टिकट रद करवाने के लिए कहा। कॉल रिसीव करने वाले व्यक्ति ने बताया कि टिकट रद की रिक्वेस्ट पहले भी आई हुई है। खाते में पैसे नहीं जा रहे हैं। इसलिए कोई दूसरा खाता नंबर देना होगा। उसने आरोपी पर विश्वास करके उसे अपना दूसरा खाता नंबर दे दिया। जब उसने खाते नंबर की पासबुक में एंट्री कराई तो उसे पता चला कि उसके अकाउंट से करीब चार लाख रुपये निकले हुए हैं। उसने मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मामले की जांच के बाद अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।