यमुनानगर। वर्ष 2008 में जिला प्रशासन की ओर से 19,013 लोगों को दिए गए 100 वर्ग गज के प्लॉट में अभी तक 1709 घर बनाए गए हैं। करीब 17 वर्ष बाद भी शेष लोगों ने अभी तक प्लॉटों पर लोगों ने घर नहीं बनाए हैं। लोगों का कहना है कि खाली प्लॉटों पर मकान नहीं बनने के लिए जिला प्रशासन जिम्मेदार हैं। क्योंकि अधिकारी इनमें बिजली, पानी, सड़कों की सुविधाएं मुहैया नहीं करवा पाए।
दरअसल यह प्लॉट महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती योजना के तहत बीपीएल परिवारों को दिए गए थे, ताकि लोग इनमें घर बना सके। इसके लिए वर्ष 2007 में सर्वे किया गया था। इसके बाद जिले में अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग व बीपीएल परिवारों को 100-100 वर्ग गज के प्लॉट दिए थे। इन प्लॉटों के लिए ग्राम पंचायतों ने जमीन मुहैया करवाई थी।
प्रथम चरण में 275 गांवों में 19,013 परिवारों को यह प्लॉट दिए गए थे। परंतु इनमें से अभी तक केवल 1,709 प्लाॅटों पर ही घर बन सका है। पड़ताल करने पर सामने आया कि इतने सालों में 275 गांवों में से अभी तक केवल 49 गांवों में बिजली और 40 में पीने का पानी पहुंच पाया है। बिजली व पानी लोगों की मूलभूत सुविधाएं हैं इसके बावजूद जिला प्रशासन यह भी लोगों को मुहैया नहीं करवा पाया।
योजना के पात्र बलदेव, प्रदीप, भूरा, प्रदीप, रमेश, पूनम, मुकेश, राबिया, वीना, सुबे सिंह ने बताया कि जहां पर लोगों को प्लॉट दिए गए थे वहां पर अभी तक न तो गलियां बनी और न ही पीने का पानी है। बिजली की सुविधा भी इनमें नहीं हैं। कई जगह तो प्लॉट लोगों को गांव से एक किलोमीटर दूर तक दिए गए।
अब यदि लोग प्लॉटों में रहने भी लग जाए तो वहां पर बिना बिजली, पानी व गलियों के जीवन यापन कैसे करेंगे। तेजली गांव में भी लोगों को 100 वर्ग गज के प्लॉट दिए गए थे। अब तेजली नगर निगम में आता है। इसके बावजूद तेजली में महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती योजना पूर्ण रूप से विकसित नहीं हो पाई है।
यहां 272 प्लॉट दिए गए थे। इनमें से 120 प्लॉट पर ही घर बने। करीब 50 परिवार ऐसे हैं जिन्होंने घर तो बनाए लेकिन बिजली, पानी व गलियों की सुविधा न होने से यहां गांव से शिफ्ट नहीं हो पाए। कुछ ऐसे हैं जो यहां रहने तो लग गए थे, लेकिन सुविधाओं के अभाव में वापस गांव चले गए। संवाद
गत माह जिला सचिवालय में 100 वर्ग गज के प्लॉटों में घर नहीं बनने का मामला सामने आया था। कमेटी के अध्यक्ष ने इस बारे में बिजली निगम, जनस्वास्थ्य विभाग को इनमें सुविधाएं मुहैया कराने को कहा गया है। जल्द ही सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। - नरेंद्र सिंह, डीडीपीओ, यमुनानगर।
तेजली गांव के 100-100 वर्ग गज प्लॉटों में जमा बारिश का पानी। संवाद