यमुनानगर। मिलर्स की हड़ताल का अब मंडियों में असर दिखाई देना शुरू हो गया है। जिले की सभी मंडियां धान से फुल हो चुकी हैं। छह लाख क्विंटल से अधिक धान की खरीद होने के बावजूद अभी तक एक दाना भी उठान नहीं हुआ है। जिस कारण मंडियों में धान के चट्टे लग गए हैं। यदि, दो दिन और धान का उठान नहीं हुआ तो मंडियों में धान को रखने की जगह भी नहीं बचेगी।
साथी ही आढ़तियों को भी खासा नुकसान उठाना पड़ सकता है। इस बार धान की खरीद को लेकर पहले से ही तारीख बदलती रही है। धान की खरीद शुरू होने के बाद अपनी मांगों को लेकर मिलर्स हड़ताल पर चले गए। जिस करण धान की खरीद तो लगातार जारी है लेकिन, अभी तक उठान शुरू नहीं हुआ है। यमुनानगर जिले में अलग-अलग सभी 13 मंडियों में 6,44,440 लाख क्विंटल धान की खरीद हो चुकी है। किसान लगातार धान लेकर मंडी में पहुंच रहे हैं।
जगाधरी मंडी की बात करें तो अब तक 4818 गेटपास जारी हो चुके हैं। मंडी में 23,8280 लाख क्विंटल धान की खरीद हो चुकी है लेकिन अब तक उठान नहीं हुआ है। पूरी मंडी में कहीं पर भी धान रखने की जगह नहीं बची है। उधर, प्रतापनगर की मंडी में अब तक 34 लाख कुंतल से अधिक की खरीद हो चुकी है।
दो दिन बाद नहीं बचेगी जगह
मंडी के अफसरों का कहना है कि मंडी धान से फुल हो चुकी है। अभी सड़कों पर धान लग गया है। सड़कों के बीच में फुटपाथ पर भी धान के चट्टे लग गए हैं। यदि दो दिन तक उठान नहीं हुआ तो मंडी में इतनी जगह भी नहीं बचेगी। इससे किसानों के साथ-साथ आढ़तियों को भी नुकसान होगा। धान की खरीद को 17 फीसदी नमी के साथ किया गया जाता है। किसान अपने धान को बेचकर निकल गए जबकि धान बाहर ही सड़कों पर पड़ा है। इससे नमी कम हो रही है। यदि अधिक समय तक धान धूप में रहा तो नमी घट जाएगी। इससे धान के वजन पर भी प्रभाव पड़ेगा।
वर्जन
मिलर्स की हड़ताल के चलते धान का उठान नहीं हो पा रहा है। इस कारण मंडी में धान की खरीद को लेकर दिक्कतों का सामना करना पड़ रह है।
विशाल गर्ग, मंडी सचिव जगाधरी।