रेलवे रोड स्थित हार्ट केयर सेंटर अस्पताल के सामने वीरवार को भाकियू द्वारा अस्पताल पर कार्रवाई की मांग को लेकर किए गए प्रदर्शन को लेकर आईएमए चिकित्सकों के समर्थन में उतरा है। शुक्रवार को आईएमए ने डीएवी डेंटल कॉलेज में प्रेस कान्फ्रेंस कर चिकित्सकों का पक्ष रखा। इस दौरान हार्ट केयर सेंटर के आरोपी चिकित्सक शगुन सभ्रवाल मौजूद रहे। वहीं शिकायतकर्ता का इलाज करने वाले दाबड़ा अस्पताल के चिकित्सक अजय दाबड़ा भी उपस्थित रहे। इस दौरान डॉ. शगुन ने कहा कि शिकायतकर्ता सुभाषचंद गुर्जर के इलाज में न तो कोताही बरती गई है और न ही कोई भय दिखाकर उनसे रुपये लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जब सुभाष चंद को लाया गया था, तो उनकी हालत सीरियस थी। उन्हें दिल का दौरा पड़ा था। इस दौरान होने वाले उपचार के उनके परिजनों को बताया गया। उनकी कॉउंसलिंग भी गई। जब वे राजी हुए तभी इलाज के उन्हें कहा गया। वहीं डॉ. शगुन ने अंबाला तक मरीज का बचना मुश्किल है के आरोप में कहा कि जब चिकित्सक को लगता है तो ऐसा परिजनों को बताया जाता है। यह उनकी ड्यूटी है। उन्होंने मरीज के परिजनों को बताया था कि ऐसे मामलों में 45-55 प्रतिशत की संभावना होती है। वहीं अजय दाबड़ा ने बताया कि 30 जनवरी को उनके अस्पताल में सुभाषचंद को लाया गया था। जहां उन्होंने ईसीजी और इंजोग्राफी की। जिसके बाद उन्होंने बताय कि मरीज को एंजियोप्लास्टी की जरूरत है। जिस पर परिजनों ने मरीज को पीजीआई ले जाने को कहा। जिस पर उन्होंने प्राथमिक उपचार दे दिया। आईएमए अध्यक्ष डॉ. योगेश जिंदल ने कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जबकि आरोप बिना किसी आधार व चिकित्सीय प्रमाण के लगाए गए हैं।