संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। पांच दिवसीय कपालमोचन मेला में तहबाजारी के नाम पर कोई कई दुकानदारों से ठगी कर गया। तहबाजारी की पर्ची सुबह के समय कोई काट गया तो शाम के समय दूसरे ठेकेदार ने काट दी। जब दुकानदारों ने दोबारा पर्ची न काटने का विरोध किया तो उन्हें सामान उठाकर वहां से भाग जाने की धमकी दी गई।
कपालमोचन मेला शुरू होने से पहले ही श्राइन बोर्ड की तरफ से तहबाजारी का ठेका दिया जाता है। इस बार तहबाजारी का ठेका 14 लाख 50 हजार रुपये में दिया गया था। जिस ठेकेदार को ठेका मिलता है, वह मेले में दुकान लगाकर सामान बेचने वाले दुकानदारों से निर्धारित की गई तहबाजारी की फीस वसूलता है।
यहां तक की चलती फिरती रेहड़ी लगाकर सामान बेचने वालों की भी तहबाजारी की पर्ची काटी जाती है। 126 एकड़ में मेला लगा था, इसलिए यहां धोखाधड़ी होने की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता। पत्थर की आटा चक्की व कुंडी बेचने वाले दुकानदार यूपी के गंगोह निवासी सरफराज व मुशरफ ने बताया कि उन्होंने गुरुद्वारा साहिब व ऋणमोचन सरोवर के बीच वाली सड़क किनारे दुकान लगाई थी।
मात्र छह फीट की दुकान 2500 रुपये के हिसाब से उन्हें 15000 रुपये में दी गई। इसके बाद रोजाना 350 रुपये के हिसाब से तहबाजारी की पर्ची भी काटी गई। शाम के समय ठेकेदार का कर्मचारी उनके पास तहबाजारी की पर्ची काटने आया। जब उन्होंने बताया कि वह तो सुबह ही पर्ची कटवा चुके हैं तो कर्मचारी ने पर्ची देख कर कहा कि यह तो दूसरे ठेकेदार की पर्ची है।
कर्मचारी ने पर्ची फाड़ कर कहा कि दोबारा पर्ची कटवानी पड़ेगी। ऐसे में वह 350 रुपये की पर्ची काट कर चला गया। उन्होंने कहा कि वह डेढ़ लाख रुपये का सामान लेकर आए थे, लेकिन बिका महज 30 हजार रुपये का। इतनी महंगी दुकान मिलेगी तो वह कमाएंगे क्या।
वहीं मेला प्रशासन की तरफ से चार लाख रुपये से अधिक में मेला परिसर की सफाई का ठेका दिया गया था। आखिरी दिन मेले में एक भी सफाई कर्मचारी नहीं था। सुबह से ही सड़कों पर सफाई नहीं की गई। इससे पूरा मेला परिसर कूड़े से भरा नजर आया। साथ ही पानी का छिड़काव न होने से श्रद्धालु धूल फांकते रहे। ऐसे में ठेकेदार ने श्राइन बोर्ड द्वारा निर्धारित मानकों पर काम नहीं किया।
किसी की दोबारा पर्ची कटी है तो मिले : मेला प्रशासक
मेला प्रशासक एवं एसडीएम बिलासपुर जसपाल सिंह गिल ने बताया कि तहबाजारी की पर्ची काटने का ठेका केवल एक ही ठेकदार को दिया गया था। यदि किसी ने तहबाजारी की किसी और ने पर्ची काटी है तो वह उनसे आकर मिल सकता है। अवैध वसूली करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।