यमुनानगर। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रदेश में हुई भारी बारिश के कारण खराब फसलों की जानकारी किसान ई-फसल क्षतिपूर्ति पोर्टल पर दर्ज करें। अधिकारी किसानों को प्रोत्साहित करें कि वे जल्द से जल्द अपने नुकसान का ब्योरा पोर्टल पर भरें, ताकि उन्हें जल्द मुआवजा मिल सके। यह बात मुख्यमंत्री ने देर शाम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रशासनिक सचिवों, मंडल आयुक्तों व डीसी के साथ हाई लेवल की बैठक करते हुए कही। बैठक में उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला, मुख्य सचिव संजीव कौशल, सीएम के मुख्य प्रधान सचिव डीएस ढेसी, प्रधान सचिव वी. उमाशंकर, अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. अमित अग्रवाल और उप प्रधान सचिव के. मकरंद पाण्डुरंग भी मौजूद रहे।
डीसी राहुल हुड्डा ने बताया कि मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान कहा कि राज्य सरकार फसल नुकसान के सत्यापन व मुआवजे में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। किसानों की सुविधा के लिए ही सरकार ने ई- फसल क्षतिपूर्ति पोर्टल बनाया है, जिस पर किसान स्वयं अपनी फसल खराबे का ब्योरा दर्ज कर सकता है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि किसान के नुकसान का डाटा पोर्टल पर अपलोड करने के सात दिनों के भीतर संबंधित पटवारी, कानूनगो इस डाटा का सत्यापन करें। इसके अलावा, तहसीलदारों को भी अपने स्तर पर इसका सत्यापन शुरू कर देना चाहिए ताकि किसानों को उनके नुकसान का उचित मुआवजा जल्द मिल सके।
जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी की निकासी समय पर होनी चाहिए। बेमौसम भारी बारिश से पैदा हुई बाढ़ जैसी स्थिति से बचने के लिए नालों की सफाई की जाए। सीएम विंडो पर प्राप्त शिकायतों का समय से निवारण होना चाहिए। शिकायतकर्ताओं को अपनी शिकायतों के निवारण के लिए कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़े। इस दौरान जिला परिषद के सीईओ नवीन आहूजा, एसडीएम जगाधरी सुशील कुमार, एसडीएम बिलासपुर जसपाल सिंह गिल, एसडीएम रादौर सतिंद्र सिवाच, डीएफएससी अशोक शर्मा, डीएम कांफेड व सभी मंडियों के सचिव भी मौजूद रहे।