संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। आत्महत्या का प्रयास करने वाली महिला रेखा ने रविवार को कहा कि वह हिंदू धर्म में वापसी करना चाहती है और हरिद्वार जाकर गंगा स्नान व माता के दर्शन करेगी। वहीं पुलिस ने महिला की शिकायत पर पति और देवर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
महिला का आरोप है कि फुरकान ने पहले खुद को अजय बताकर छह माह तक प्रेमजाल में फंसाया। बाद में उसे सहारनपुर के देवबंद ले जाकर जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया और निकाह के बाद उसका नाम रेखा से बदलकर रुबीना रख दिया गया। आरोप है कि आधार कार्ड समेत अन्य दस्तावेजों में भी उसका नाम बदलवाया गया।
रेखा के अनुसार वह मूल रूप से सहारनपुर जिले की रहने वाली है और तलाक के बाद यमुनानगर के सेक्टर-17 में रहकर एक कार्यालय में काम करती थी। इसी दौरान यमुनानगर के अराइयां गांव निवासी फुरकान का वहां आना-जाना हुआ। वर्ष 2020 में उसने पीछा करना शुरू किया, बातचीत बढ़ी और दोनों के बीच संबंध बन गए।
महिला ने आरोप लगाया कि कुछ समय बाद फुरकान उसे देवबंद ले गया, जहां दबाव बनाकर कलमा पढ़वाया गया, नाम बदला गया और वहीं निकाह करा दिया गया। निकाह के बाद उस पर बुर्का पहनने और धार्मिक गतिविधियों से दूरी बनाने का दबाव बनाया गया। पहले वह खुले तौर पर मंदिर जाती और कीर्तन में हिस्सा लेती थी, लेकिन शादी के बाद उस पर रोक लगा दी गई।
रेखा का कहना है कि फुरकान हिंदू देवी-देवताओं पर सवाल उठाने लगा और मूर्तियों व तस्वीरों को जलाकर उनकी राख टॉयलेट में बहा दी। यह भी आरोप लगाया कि तलाक के बाद उसे मिले 3 लाख 42 हजार रुपये फुरकान ने हड़प लिए। इन्हीं पैसों से उसने साढौरा क्षेत्र में टाइल्स बनाने का कारोबार शुरू किया, पहले वह काम नहीं करता था।
रेखा के अनुसार निकाह के बाद भी फुरकान चार अन्य हिंदू युवतियों के संपर्क में था और उनसे फोन पर अकेले में बात करता था। उधर, मामले में यमुनानगर सिटी थाना के जांच अधिकारी सुमित कंबोज ने बताया कि महिला की शिकायत पर उसके पति और देवर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।