संवाद न्यूज एजेंसी
साढौरा। कृष्णा कॉलोनी के नाले के दूषित व बदबूदार पानी को तोरांवाला तालाब में बहाए जाने पर तालाब प्राधिकरण ने 16 दिसंबर को नगरपालिका को पत्र लिखकर इस बारे में तथ्य बताने की जवाबतलबी की थी। लेकिन नगर पालिका अधिकारी एक माह में भी इस बारे में जवाब दायर नहीं कर सके। तो अब तालाब प्राधिकरण ने इस बारे में नगरपालिका को रिमांइडर भेजा है।
शिकायतकर्ता संदीप गुप्ता ने बताया कि तोरांवाला तालाब में कृष्णा कॉलोनी के दूषित पानी को बहाए जाने से तालाब का पानी दूषित हो रहा है। लेकिन इस पानी को बहाए जाने से रोकने बारे नगरपालिका द्वारा कोई उपाय नहीं किए जा रहे हैं। इसके बजाय दूषित पानी को साफ करने के लिए बनाए गए प्राकृतिक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पर ही भरोसा किया जाता रहा है। जबकि असलियत में यह प्लांट दूषित पानी को साफ करने में कामयाब ही नहीं हो पा रहा है।
कॉलोनी का दूषित पानी सीधा तालाब में गिरकर तालाब के पानी को भी प्रदूषित कर रहा है। जिसके कारण इस तालाब के तट पर धार्मिक कर्म करने वालों की आस्था को ठेस पहुंच रही है। वहीं प्रवेश मार्ग के साथ बने प्राकृतिक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में जमा दूषित पानी के कारण यहां बदबू हो गई है।
संदीप गुप्ता ने बताया कि इस बारे में नगरपालिका को अवगत करवाने के बावजूद नगरपालिका द्वारा कोई उपाय न किए जाने से परेशान होकर उन्होंने इस बारे में तालाब प्राधिकरण को शिकायत की। तालाब प्राधिकरण के अधिकारियों ने इसका संज्ञान लेते हुए नगर पालिका से जवाब तलब की है।
जवाब में पूछा गया है कि नगरपालिका स्पष्ट करें कि क्या तालाब में दूषित पानी गिर तो नहीं रहा है। इसके अलावा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की परफार्मेंस बारे भी पूछा गया है। संदीप गुप्ता ने कहा कि अगर तालाब में गिराए जा रहे पानी की लैब जांच करवाई जाए तो तालाब प्राधिकरण के सवालों का जवाब मिल सकता है।