संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के आह्वान पर अनाजमंडी गेट पर चल रही अध्यापकों की भूख हड़ताल को 100 दिन पूरे हो गए हैं। 100 दिन की भूख हड़ताल के बाद भी सरकार ने अध्यापकों की सुध नहीं ली, जिससे उनमें रोष है। इसे लेकर बुधवार को अध्यापकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
वहीं प्रदेश कमेटी की ओर से आंदोलन तेज करने को लेकर रणनीति बनाई। अध्यापक सरकार की शिक्षा नीतियों के विरोध में 23 अप्रैल से भूख हड़ताल पर हैं। बुधवार को 100वें दिन करनाल के असंध खंड प्रधान किशोर भट्ट ने भूख हड़ताल का नेतृत्व किया, जबकि उनके साथ खंड सचिव कर्मवीर दूहन, पवन मेहला, राजबीर अनशन पर रहे। इस दौरान संघ नेता गोविंद सिंह भाटिया, संदीप पिलानिया, राकेश धनखड़ ने मालाएं पहनाकर अध्यापकों को भूख हड़ताल पर बैठाया।
नेताओं ने कहा कि सरकार शिक्षा को लेकर गंभीर नहीं है। सरकार की नीतियां शिक्षा विरोधी और निजी स्कूल प्रबंधकों के हित में हैं। जिसके विरोध में अध्यापक 100 दिन से भूख हड़ताल कर रहे हैं। सरकार ने अभी तक अध्यापकों से बातचीत नहीं की है। जबकि बातचीत के न्योता देकर पीछे हट रही है।