संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल का सीवरेज सिस्टम एक बार फिर फेल हो गया। अस्पताल के मुख्य गेट के पास ही चार दिनों से सीवरेज का गंदा पानी फैला हुआ है।
अस्पताल के शौचालयों की गंदगी सीवरेज लाइन से बाहर निकल कर अस्पताल में ड्यूटी करने वाले डॉक्टरों व स्टाफ की पार्किंग में फैल गई है। गंदगी की बदबू की वजह से अस्पताल के डॉक्टरों, स्टाफ से लेकर मरीजों का बुरा हाल है। यह पहली बार नहीं है जब अस्पताल का सीवरेज जाम होकर ओवरफ्लो हुआ है। अस्पताल का उद्घाटन हुए अभी एक साल ही हुआ है और कम से कम पांच-छह बार सीवरेज जाम हो चुका है। ऐसे में 105 करोड़ रुपये से बने अस्पताल के विशालकाय भवन पर जाम सीवरेज किसी धब्बे से कम नहीं है
शौचालयों की गंदगी पार्किंग में दूर तक फैली हुई है। जिसमें डॉक्टर व स्टाफ अपने वाहन भी खड़े नहीं कर पा रहे हैं। जहां पर सीवरेज जाम है वहीं से रास्ता पुराने भवन में चल रही आयुर्वेदिक व होम्योपैथिक की ओपीडी की तरफ जाता है। गंदगी की दुर्गंध के कारण मरीजों का ओपीडी में जाना मुश्किल हो गया है। जिला अस्पताल का निर्माण पीडब्ल्यूडी विभाग ने कराया है, जबकि अस्पताल में गंदे पानी की निकासी के लिए सीवरेज लाइन जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग ने डाली है।
अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि गंदे पानी के लिए मात्र आठ इंच चौड़ी पाइप लाइन डाली गई है। अस्पताल से गंदे पानी की निकासी ज्यादा है, इसलिए पाइप अधिक चौड़े डालने चाहिए थे। डॉक्टरों ने सीवरेज लाइन के लेवल पर भी सवाल उठाए हैं, क्योंकि हर बार एक ही जगह से सीवर ओवर फ्लाे होता है।
पहले भी लोग उठा चुके हैं सवाल
अस्पताल के निर्माण के दौरान से ही इसमें लगी निर्माण सामग्री पर सवालिया निशान उठते रहे हैं। लोगों ने निर्माण सामग्री की जांच की मांग करते हुए इसकी शिकायतें तक की थी परंतु पीडब्ल्यूडी विभाग के किसी भी अधिकारी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। कभी अस्पताल में सीवरेज जाम हो जाता है तो कभी इसकी दीवारों से टाइलें गिरने लगती हैं। अब तक तीन बार अस्पताल की टाइलें गिर चुकी हैं जिसमें एक कार व बाइक क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं।
सीवरेज जाम होने से परेशान हो गए हैं : डॉ. दिव्या मंगला
मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल की पीएमओ डॉ. दिव्या मंगला का कहना है कि अस्पताल का सीवरेज बार-बार जाम हो रहा है। इससे सभी डॉक्टर परेशान हैं। सीवरेज का गंदा पानी अस्पताल परिसर में फैल गया है। इस बारे में जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है।