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Yamuna Nagar News: समाधान की आस, फरियादी निराश

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यमुनानगर। सरकार के आदेशों पर नगर निगम के मेयर और अधिकारियों ने वीरवार को पहली बार जनता दरबार लगाया। जनता दरबार में अव्यवस्थाएं हावी रहीं। मेयर ने खुले दरबार में 300 से अधिक शिकायतों के आने का दावा किया। दरबार में लोगों को यह भी पता नहीं था कि उन्हें अपनी शिकायत देनी किसे है? जनता दरबार में मेयर, कमिश्नर, अधिकारी व कर्मचारी तो बैठे थे लेकिन मौके पर एक भी शिकायत का समाधान नहीं हो पाया।
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मेयर और अधिकारी शिकायतों पर लोगों के मोबाइल नंबर लिखवा कर अपने पास रखते रहे और पुलिसकर्मी उन्हें बाहर जाने का रास्ता दिखाते रहे। लोगों ने जो शिकायतें दी उसका कोई सबूत दूर-दराज से आए लोगों को नहीं दिया गया। लोगों को न तो दर्ज शिकायत का नंबर दिया गया और न ही कोई रसीद। ऐसे में लोगों के पास इस बात का कोई सबूत नहीं है कि उन्होंने किस अधिकारी या कर्मचारी को अपनी शिकायत दी थी और अब उसका स्टेटस क्या है।
सबसे अधिक शिकायतें परिवार पहचान पत्र से संबंधित
मॉडल टाउन में मेयर आवास पर लगे खुले दरबार में मेयर मदन चौहान, निगमायुक्त आयुष सिन्हा व अतिरिक्त निगमायुक्त धीरज कुमार अपनी टीम के साथ लोगों की शिकायतें सुन रहे थे। दरबार में परिवार पहचान पत्र व प्रॉपर्टी आईडी की त्रुटियों, गली व नाली निर्माण, स्ट्रीट लाइट, सफाई, पीएमएवाई, अवैध कब्जा, अतिक्रमण, बिजली, सीवरेज व अन्य समस्याओं से संबंधित 300 से अधिक शिकायतें आई। इनमें सबसे अधिक शिकायतें परिवार पहचान पत्र की त्रुटियों से संबंधित थी। इससे लग रहा है कि नगर निगम की तरफ से पिछले दिनों पीपीपी की त्रुटियों को सुधारने के लिए जो शिविर लगाए थे उनमें लोगों की शिकायतों का कोई समाधान नहीं हुआ। लोग अभी भी अपनी शिकायतों को लेकर भटक रहे हैं।
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तीन दिन में स्टेटस लोगों बताएंगे अधिकारी
लोगों ने मेयर व निगमायुक्त को कहा कि उनका बीपीएल सूची से गलत तरीके से नाम काटा गया है। परिवार पहचान पत्र में उनकी आय अधिक दिखाई गई है। निगमायुक्त एवं एडीसी आयुष सिन्हा ने पीपीपी से संबंधित सभी शिकायतों को अपने पास रखते हुए तीन दिन में उनका स्टेटस लोगों को बताने की बात कही।
दिव्यांग के पास जाकर ली शिकायत
जनता दरबार में दिव्यांग श्रवण कुमार अपनी समस्या लेकर पहुंचे। मेयर चौहान खुद दिव्यांगों के पास गए और और शिकायत सुनी। श्रवण कुमार ने बताया कि उसे अपनी बेटी का 134ए के तहत एक प्राइवेट स्कूल में एडमिशन करवाना है, लेकिन स्कूल में उसे दाखिला नहीं मिल रहा। मेयर ने स्कूल प्रिंसिपल को तुरंत फोन कर उसकी बेटी का एडमिशन कराने को कहा।

यहां कोरोना नहीं है: मेयर
जनता दरबार में मौजूद मेयर समेत सभी अधिकारी बिना मास्क लगाए थे। मेयर मदन चौहान से जब जनता दरबार में मास्क नहीं लगाने बारे पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यहां कोरोना नहीं है। सब स्वस्थ लोग यहां बैठे हैं। आप लोगों को वैसे ही डरा रहे हैं। कोरोना गाइडलाइन का सभी को पालन करना चाहिए लेकिन अभी दिक्कत वाली कोई बात नहीं है। हमारे यहां कोरोना के कोई केस नहीं बढ़ रहे।
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