यमुनानगर। शहर की 32 कॉलोनियों में विकास की आस जगी है, क्योंकि इन पर लगा अवैध का टैग जल्द हट सकता है। इसके लिए यूएलबी से उक्त कॉलोनियों की सूची सीएम के पास पहुंच चुकी है। अफसरों के अनुसार इन कालोनियों को वैध करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
उल्लेखनीय है कि जिला योजनाकार विभाग के सर्वे में नगर निगम क्षेत्र की करीब 150 कॉलोनियों का सर्वे हुआ। इसमें आबादी व अन्य मापदंड पूरे करने वाली 32 कॉलोनियों की सूची यूएलबी से सीएम को भेज दी गई है। जहां से मंजूरी पर कॉलोनियों से अवैध का टैग हट जाएगा। ससौली के गुरमुख, बीरा, औरंगाबाद के सोनू के बताया कि उक्त कॉलोनियों में से अधिकांश में मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। कहीं पक्की गलियां और नालियां तो कहीं स्ट्रीट लाइट, पानी निकासी की दिक्कतें हैं। गौरतलब है कि इस संबंध में शिकायतें देने पर इन सुविधाओं से जुुड़े विभागों के अफसर कॉलोनियों के अवैध होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं। इसका खामियाजा इन कॉलोनियों के रह रहे लोग भुगत रहे हैं और मूल सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं।
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सूची में यह कॉलानियां शामिल-
अमर विहार, औरंगाबाद, ज्योति नगर, ग्रीन विहार, गधौली, कैलाशनगर, खेड़ी रांगड़ान, राजेश नगर, रवि नगर, ससौली-3, ससौली-4, सत्संग विहार, सुंदरनगर, तेली माजरा, वीर नगर, विष्णु गार्डन, बागवाली कॉलोनी, बैंक कॉलोनी, गोगामाड़ी कॉलोनी, जिमखाना कॉलोनी, हनुमान कॉलोनी, इंडस्ट्रियल कॉलोनी, इंडस्ट्रियल कालोनी-2, जम्मू कॉलोनी एक्सटेंशन-2, लेबर कॉलोनी, माढी कॉलोनी, माजरी कॉलोनी, मस्जिद कॉलोनी, शंभू कॉलोनी, शंभू कॉलोनी-2, शांति कॉलोनी, त्यागी कॉलोनी, विपिन कॉलोनी शामिल हैं।
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नगर निगम क्षेत्र की कालोनियों की सूची वैध होने के लिए सीएम मनोहर लाल के पास गई है। इनको वैध किए जाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में हैं। उम्मीद है कि जल्द कालोनियां वैध हो जाएंगी।- आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।