संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। पांच दिवसीय दीपोत्सव पर घर पहुंचने की होड़ के बीच वीरवार को रोडवेज बसों की किल्लत ने यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी। अंबाला में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की रैली के लिए यमुनानगर से लगभग 85 बसें भेजे जाने का सीधा असर जिले के सभी प्रमुख रूटों पर पड़ा। दिल्ली और चंडीगढ़ रूट को छोड़कर सभी रूटों पर बस सेवा प्रभावित रही।
त्योहार के चलते वीरवार को बस स्टैंड पर सामान्य दिनों के मुकाबले ज्यादा भीड़ रही। लेकिन बसें उपलब्ध नहीं थीं। कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, पानीपत, सोनीपत, रोहतक, हिसार, भिवानी, जींद, गुरुग्राम और पलवल के अलावा हरिद्वार, देहरादून, शिमला, पांवटा, कालाआंब सहित कई रूटों पर यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी। अधिकांश रूटों पर केवल वातानुकूलित बसें ही चलती नजर आईं। ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों को तो बस सेवा भी नहीं मिल पाई।
हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और पंजाब की बसें बस स्टैंड पहुंचीं, लेकिन पहले से यात्रियों से खचाखच भरी होने से उनमें चढ़ना भी मुश्किल हो गया। बसों में सीट पाने के लिए धक्का-मुक्की होती रही। भीड़ से महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई। कई यात्री बस में चढ़ने से भी रह गए। बसों का इंतजार लंबा होने पर कई यात्रियों ने रेलवे स्टेशन का रुख किया, लेकिन वहां भी सीधी ट्रेन नहीं मिलने से उन्हें आसपास के स्टेशनों से ट्रेन पकड़नी पड़ी। दीपोत्सव से ठीक पहले बसों की कमी ने घर जाने की तैयारी कर रहे लोगों का सफर मुश्किल बना दिया। यमुनानगर डिपो में कुल 140 बसें हैं। इसमें से 25 से 30 बसें मरम्मत के लिए खड़ी हैं। शेष 110 बसों के सहारे ही काम चल रहा है। इस दौरान करीब 85 बसें रैली में भेज दी गईं।
अमृतसर की बस नहीं मिली
68 वर्षीय दम्यति ने बताया कि उन्हें अमृतसर जाना है। रादौर से यमुनानगर बस अड्डे आई थीं। यहां पहुंचने पर बस नहीं मिली। पूछताछ से जानकारी मिली कि बसें रैली में लगी हैं। चार घंटे बाद भी बस नहीं मिली। उन्हें कार्यक्रम में जाना है और समय पर पहुंचना जरूरी है। बस न होने से शेड्यूल बिगड़ गया है।
बस नहीं मिली तो जा रहे स्टेशन
आईटीआई निवासी वरदान ने बताया कि उन्होंने रोहतक जाना था। अड्डे पर आने के बाद पता चला कि आज कोई बस नहीं मिलेगी। उनका रोहतक जाना जरूरी है। बस न होने के बाद अब केवल ट्रेन का विकल्प शेष है। परंतु सीधी कोई ट्रेन नहीं है। ऐसे में कई ट्रेन बदलकर उन्हें जाना पड़ेगा।
अब तो निजी बस का सहारा
साढौरा जाने के लिए बस अड्डे पर पहुंचे दीपक कुमार ने बताया कि रैली के कारण किसी रूट की बस नहीं मिल रही है। ग्रामीण रूट की सभी बसें रैली में लगा दी गई हैं। केवल निजी बसों का ही लोगों को सहारा है। इससे बसों में अधिक भीड़ है। उनके पैर काम नहीं करते और बैसाखी के सहारे चलते हैं।
रैली में बसें भेजी गई थीं। इससे कुछ रूट प्रभावित रहे। यात्रियों को परेशानी न हो, इसके लिए शेष बसों का संचालन किया गया था। त्योहार के कारण ज्यादा भीड़ है। इस वजह से लोगों को दिक्कत हुई। -संजय रावल, महाप्रबंधक, रोडवेज यमुनानगर
उत्तर प्रदेश परिवहन की बस में चढ़ने का प्रयास करते यात्री। संवाद- फोटो : 1
उत्तर प्रदेश परिवहन की बस में चढ़ने का प्रयास करते यात्री। संवाद- फोटो : 1
उत्तर प्रदेश परिवहन की बस में चढ़ने का प्रयास करते यात्री। संवाद- फोटो : 1
उत्तर प्रदेश परिवहन की बस में चढ़ने का प्रयास करते यात्री। संवाद- फोटो : 1