संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। होली की बाजारों में सुबह से भारी रौनक देखने को मिली। ग्रहण के कारण लोगों ने एक दिन पहले ही पर्व संबंधी सभी खरीदारी कर ली। मंगलवार को दोपहर 2:16 मिनट पर ग्रहण लग जाएगा और नौ घंटे पहले ही सूतक शुरू हो जाएगा। इस समय में कोई शुरू कार्य नहीं किया जाता है। सोमवार को बाजार की छुट्टी होने के बावजूद दुकानें खुली रहीं। त्योहार के कारण देर रात तक बाजार गुलजार रहे।
शहर के तमाम बाजारों में सुबह से ही लोगों की भीड़ देखने को मिली। शाम को मुख्य बाजार में भीड़ बहुत ज्यादा बढ़ गई। भीड़ से जाम की स्थिति भी बनी। इस दौरान रंगों के साथ फल, फूल, करियाना, मिठाइयों की दुकानों पर भीड़ देखने को मिली। लोगों ने गुलाल, अबीर सहित अन्य रंगों की जमकर खरीदारी की। होली का उत्साह सबसे ज्यादा बच्चों में देखने को मिला। बच्चों ने अपनी पसंद की पिचकारियों, पानी वाले रंग, गुबारे, स्प्रे सहित अन्य सामग्री की जमकर खरीदारी की।
दुकानदार सौरभ, साहिल, राहुल, गगन, प्रकाश, सुमंत ने बताया कि इस बार होली काफी जल्दी है। महीने की शुरुआत होने से लोगों में इसका काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। थोक विक्रेता मोंटू और रामकुमार ने बताया कि इस बार होली पर करीब दो करोड़ रुपये का कारोबार होने की उम्मीद है। ग्रहण के कारण अधिकांश लोगों ने सोमवार को ही खरीदारी कर ली है। परंतु ग्रहण समाप्ति के बाद बाजारों में फिर से भीड़ उमड़ेगी। दोनों दिन अच्छा कारोबार होगा।
इसके अलावा शहर की तमाम मिठाइयों की दुकानों पर भी लोगों की भीड़ देखने को मिली। इस दौरान होली की परांपरिक मिठाई गुजिया और पेड़ों की खूब मांग रही और जमकर बिक्री हुई। इसके अलावा अन्य मिठाइयों, नमकीन इत्यादि की भी लोगों ने खरीदारी की। त्योहार के कारण देर शाम तक बाजार गुलजार रहे।
बच्चों को पसंद आ रहे वाटर टैंक
बाजार में बच्चों के लिए कई तरह की पिचकारियां उपलब्ध हैं। इसमें हनुमान जी की गदा, भगवान परशुराम का परसा, रॉकेट, मिल्टी फायर क्लर गन पिचकारियों ने बच्चों को खूब आकर्षित किया। बाजारों में इसकी कीमत दस से 300 रुपये तक है। इसके अलावा वाटर टैंक भी इस बार भी लोगों के लिए आकर्षण बने हुए हैं। इस बार एक, दो, तीन, पांच, सात, आठ, दस ही नहीं बल्कि 15 और 25 किलोग्राम के क्लर स्प्रे सिलिंडर उपलब्ध हैं। यह 150 से लेकर 3500 रुपये में बिक रहे हैं।
होली के लिए रंगों की खरीदारी करते लोग। संवाद
होली के लिए रंगों की खरीदारी करते लोग। संवाद
होली के लिए रंगों की खरीदारी करते लोग। संवाद