नवरात्रों में हर बार श्रद्धालु माथा टेकने के लिए शाकुंभरी देवी जाते हैं, लेकिन इस बार नेशनल हाईवे-73 पर निर्माण कार्य ने मां भक्तों के बीच दूरियां बढ़ा दी हैं।
निमार्ण कार्य के कारण रोड बंद है और भक्त इन नवरात्रों में शाकुंभरी देवी मंदिर में मां के दर्शन करने नहीं जा पा रहे हैं। वर्तमान में शारदीय नवरात्रे चल रहे हैं। पहले नवरात्रे से ही श्रद्धालु शाकुंभरी देवी के दरबार पर जाना शुरू हो जाते हैं, लेकिन इस बार कम ही भक्त जाएंगे।
जो भी भक्त जाएंगे या तो उन्हें जाम में घंटों फंसना पड़ेगा या फिर पोंटा साहिब के रास्ते से जाना पड़ेगा। जोकि 80 से 100 किलोमीटर ज्यादा पड़ेगा। उल्लेखनीय है कि पश्चिमी यमुना नहर के पुल से यमुना नदी के पुल तक हाईवे पर निर्माण कार्य चला हुआ है। शाकुंभरी देवी पर यमुनानगर से जाने का एक मात्र रास्ता है।
जो लिंक रोड निकल रहे हैं वे भी आगे जाकर इसी निर्माणाधीन हाईवे पर मिलते हैं। लेकिन अब निर्माण कार्य के कारण भक्तों को परेशानी हो रही है। दिन के समय इस रास्ते पर भारी वाहनों की आवाजाही पर जिला प्रशासन ने रोक लगाई रखी है।
एक माह से चल रहा है निर्माण कार्य
इस हाईवे पर करीब एक माह से निर्माण कार्य चल रहा है। निर्माण कार्य में वाहनों की अड़चन न आए, इसके लिए प्रशासन ने यह रास्ता दिन के समय वाहनों के लिए बंद कर दिया है। अब जो भी वाहन यहां से जाते हैं, वे केवल रात के समय ही निकल पाते हैं। रात के समय भी निर्माण के कारण वाहन चालकों को दिक्कतों से दो चार होना पड़ता है। बाइपास तक जाम की स्थिति बनी रहती है।
अन्य देवी स्थल रहेंगे विकल्प
देवी मंदिर यमुनानगर के पंडित राम कुमार ने बताया कि भक्तों को निराश होने की जरूरत नहीं है। अगर इस बार मां शाकुंभरी के दर्शन के लिए नहीं जा पा रहे हैं तो अन्य स्थलों पर जाकर भक्त मन्नतें और माथा टेक सकते हैं।
उन्होंने कहा कि शारदीय नवरात्रे अगल वर्ष भी आएंगे, भक्त इस बार अपने घराें में या शहर के मंदिरों में भी नवरात्रों के दौरान पूजा पाठ कर सकते हैं। शारदीय नवरात्रे पर शाकुंभरी देवी जाने की मान्यता है। इसके लिए क्षेत्र के ज्यादातर श्रद्धालु वहीं जाते हैं।
रास्ता बंद होने से प्लान बदलना पड़ा
रादौर के देवेंद्र सैनी ने बताया कि चार महीने पहले उसकी शादी हुई थी। शादी के बाद उसका पहला नवरात्र है। उसने सोचा था कि शारदीय नवरात्रे पर वे शाकुंभरी देवी जाएंगे, लेकिन पता चला है कि रास्ता बंद है। ऐसे में इस बार उन्हें अपना प्लान बदलना पड़ा है।
उन्होंने बताया कि अब वे मुलाना स्थित देवी मंदिर में जाएंगे। वहीं रोहित कुमार, सुभाष और जतिन ने बताया कि साल में दो बार नवरात्रे आते हैं और दोनों ही बार वे माथा टेकने के लिए देवी स्थल जाते हैं।
शारदीय नवरात्रे पर वे जहां शाकुंभरी देवी जाते हैं, वहीं, दूसरे नवरात्रे पर त्रिलोकपुर देवी जाते हैं, लेकिन इस बार हाईवे निर्माण कार्य के कारण उन्होंने शाकुंभरी देवी जाने का फैसला टाल दिया है। इस बार वे केवल त्रिलोकपुर ही जाएंगे।