संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। शहर की पंजाबी धर्मशाला के शिखर पर स्थापित भक्त शिरोमणि वीर हनुमान जी की मूर्ति लोगों के आकर्षण का केंद्र है। शहर भर से हनुमान जी की यह मूर्ति देखी जा सकती है। यहां से गुजरने वाले लोग मूर्ति के सम्मुख शीश नवाकर निकलते हैं।
पंजाबी धर्मशाला पर इस मूर्ति का निर्माण छह साल पहले 2019 में किया गया था। जब इस मूर्ति का निर्माण चल रहा था तभी से लोग इसे देखने आते थे। शहर के कारोबारी विरेंद्र वधवा ने इसका निर्माण करवाया था।
विरेंद्र वधवा ने बताया कि 31 फीट इस मूर्ति के निर्माण में दस महीने का समय लगा था। उस समय चार से साढ़े चार लाख रुपये का खर्च आया था। मूर्ति निर्माण के लिए उड़ीसा से कारीगर बुलाए गए थे। पांच कारीगारों ने दस महीने की मेहनत के बाद इसका निर्माण किया था। यह प्रतिमा बनाने में सीमेंट, चूना मिट्टी, सरिया, जाली का प्रयोग किया गया है। पंजाबी धर्मशाला के प्रधान सुरेंद्र मोहन ने बताया कि धर्मशाला सभा की ओर से प्रतिमा का रखरखाव किया जाता है। सचिव श्रीराम ग्रोवर ने बताया कि मूर्ति की भव्यता बनाए रखने के लिए हर साल इस पर पेंट किया जाता है। जिसके लिए पेंटर उड़ीसा से ही बुलाए जाते हैं। उन्होंने बताया कि उड़ीसा की मूर्ति शिल्प काफी प्रसिद्ध है।
जिसके चलते मूर्ति निर्माण के लिए उड़ीसा से कारीगर बुलाए गए थे।विरेंद्र वधवा ने बताया कि उनके पिता कृष्ण लाल वधवा हनुमान जी के भक्त थे। हनुमान जी में उनकी गहरी आस्था थी। साल 2015 में मृत्यु से पहले उनके पिता ने मूर्ति बनाने की इच्छा जताई थी। पिता की मृत्यु के बाद उन्होंने मूर्ति निर्माण के लिए काम शुरू कर दिया। इस दौरान उन्हें पता चला कि उड़ीसा की शिल्प कला काफी प्रसिद्ध व उन्नत है। इसके बाद उन्होंने उड़ीसा के कारीगरों से संपर्क किया।