जगाधरी। टोल बैरियर के पास स्थित विभिन्न गांवों से रोजाना सैकड़ों ट्रक, डंपर, ट्रॉलियां खनन सामग्री लेकर निकल रही हैं। टोल टैक्स बचाने के लिए गांव की गलियों व सड़कों से भारी वाहनों के गुजरने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इससे एक तरफ जहां सड़कें, गलियां क्षतिग्रस्त हो रही हैं, वहीं गांव में बच्चों का बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। लोगों की इस समस्या को देखते हुए डीसी ने अधिकारियों गांवों से निकलने वाले भारी वाहनों का चालान करने के निर्देश दिए।
इस संबंध में डीसी ने वीरवार को खनन विभाग की जिला टास्क फोर्स की बैठक ली। डीसी ने खनन विभाग के अधिकारियों को ऐसे वाहन चालकों के चालान करने के निर्देश दिए हैं। डीसी ने कहा कि टोल टैक्स बचाने के लिए जो वाहन आसपास के गांवों से निकलते हैं उनके खिलाफ अभियान कार्रवाई की जाए। ऐसे सभी वाहनों के चालान किए जाएं। बैठक में डीसी ने कहा कि इस बारे ग्रामीणों की शिकायतें मिल रही हैं। डीसी ने खनन अधिकारी व आरटीए को निर्देश दिए कि सड़कों पर नाकाबंदी करके चालान किए जाएं। जो गांव सड़कों के नजदीक हैं और उनके बीच से खनन वाहन निकलते हैं, ऐसे गांवों में प्रदूषण कम करने के लिए पेड़-पौधे लगाए जाए। पानी का छिड़काव करवाया जाए, ताकि ग्रामीणों को दिक्कत न हो। बैठक में एसपी मोहित हांडा, एसडीएम जगाधरी अशोक कुमार, एसडीएम बिलासपुर जसपाल सिंह गिल, एसडीएम रादौर अमित कुमार, खनन विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
लोगों के बीच जाएं अधिकारी
बैठक में डीसी ने एसडीएम व डीएसपी से कहा कि वे ग्रामीणों के बीच जाएं। लोगों से उनकी समस्या व उसके समाधान के बारे चर्चा करें। ग्रामीणों से बातचीत करके उनकी समस्या का समाधान करवाया जाए। टोल बैरियर के पास के गांवों में लगातार गश्त की जाए। भारी वाहनों को इन गांवों से निकलना बंद करना जल्द से जल्द सुनिश्चित किया जाए। वहीं खनन अधिकारी को निर्देश दिए कि जो माइनिंग प्लांट बंद हैं उसके बावजूद वह पोर्टल पर काम कर रहे हैं। ऐसे प्लांट की जांच कर उन्हें पोर्टल से हटाए जाएं।