हल्की बारिश के बाद दो दिन बाद बढ़ी उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया है। चिपचिपी गर्मी के कारण हालात ऐसे हैं कि सुबह 11 बजे के बाद सड़कों पर बहुत कम ही लोग दिखाई देते हैं। बारिश के कारण तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई थी, लेकिन धूप के कारण इसे में वृद्धि हुई है। पिछले सप्ताह तक जहां अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस तक रहा, जबकि दोहपर में यह 36.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। वहीं इस दौरान न्यूनतम तापमान 29.7 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया। उमस भरी चिपचिपी गर्मी के कारण लोग बेहाल है। दिन के अधिकांश समय लोग घरों में दुबके नजर रहते हैं। शहर के व्यस्त मार्ग भी इन दिनों खाली नजर आ रहे हैं। गर्मी से बचने के लिए विभिन्न तरीके अपना रहे हैं। इसके अलावा मौसम का मिजाज पल-पल बदलता मिजाज भी लोगों के लिए परेशानी बना हुआ है। कभी एकाएक बादल छाने से लोगों को राहत मिलती है, तो कभी कड़ाके की धूप झुलसाने लगती है। कभी हवा चल रही है, तो कभी उमस महसूस हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार अभी कुछ दिन गर्मी के तेवर तीखे रहेंगे। जबकि इस दौरान बारिश से काफी हद तक राहत मिलेगी। वहीं दूसरी तरफ इस चिलचिलाती गर्मी के बीच मौसम विभाग ने राहत वाली सूचना दी है। विभाग ने शनिवार को 100 फीसदी बारिश होने की संभावना जताई है। जबकि अगले सप्ताह सोमवार से शुक्रवार तक बारिश की संभावना है। बारिश से जहां गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं वातावरण कम होने से मौसम में परिवर्तन होगा। बारिश के दौरान अधिकतम तापमान 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस तक रहने की संभावना है।
गर्मी और वर्षा के मौसम में घरों दीवारों में सीलन हो जाती है। जिस कारण बदबू, नमी के कारण बरसाती जीव पैदा हो जाते हैं। इन दिनों मक्खी, मच्छर ही नहीं, अन्य कीट-पतंगे भी पनपने लगे हैं, जो लोगों की परेशानी बढ़ा रहे हैं। जिससे बीमार होने का भी डर बना हुआ है। चिकित्सकों व विशेषज्ञों के अनुसार घर के आसपास पानी न जमा होने दें। जिला मलेरिया अधिकारी ने कहा कि घरों व छतों पर रखे खाली सामान, टायर, नारियल के खोल, गमलों इत्यादि में पानी न जमा होने दें। जहां पानी निकालना संभावना नहीं हैं। वहां काला तेल, चूना इत्यादि डाले, इससे मच्छर नहीं पनपेंगें।