संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। शहर के युवा खिलाड़ी निर्भय थापा ने फुटबॉल में जिले व प्रदेश का नाम चमकाया है। निर्भय के बेहतरीन खेल के बल पर उसका चयन नेशनल टीम में किया गया। इस दौरान आगरा में हुई नेशनल फुटबॉल चैंपियनशिप सीनियर की संतोष ट्रॉफी में खेलकर निर्भय ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनाया। 19 वर्षीय निर्भय तीन साल की आयु से फुटबॉल को अपने पैरों पर नचा रहे हैं और कई मैचों में श्रेष्ठ खिलाड़ी भी चुने जा चुके हैं।
शहर के रहने वाले निर्भय थापा ने 21 से 25 दिसंबर को आगरा में हुई संतोष ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन कर नाम चमकाया है। इस राष्ट्रीय फुटबॉल प्रतियोगिता में निर्भर ने हरियाणा का प्रतिनिधित्व किया और तीन मैच खेले। इस दौरान राज्य टीम ने चंडीगढ़ को हराया। वहीं, उत्तरप्रदेश के साथ मैच ट्राई होने के कारण ड्रॉ हो गया है। निर्भय थापा को यह खेल विरासत में मिला है।
निर्भय के पिता नरेश थापा अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी एवं फुटबॉल कोच हैं। वहीं ताऊ नरेंद्र थापा भी अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल खिलाड़ी रह चुके हैं और 50 से ज्यादा बार उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया है। पिता व ताऊ को खेलता देख निर्भय ने तीन साल की उम्र में ही फुटबॉल को अपना भविष्य चुन लिया था। करीब 16 साल से निर्भय फुटबॉल को अपने पैरों पर नचा रहे हैं।
पिता नरेश थापा ने बताया कि निर्भय ने संत निश्चल सिंह पब्लिक स्कूल से पढ़ाई की और यहां पर वह खेलता रहा। इस दौरान उसे सीबीएसई जोन प्रतियोगिता में कांस्य पदक मिला। इसके बाद खालसा कॉलेज में दाखिला लिया और डीएफए की ओर से खेला। निर्भय ने दो बार विश्वविद्यालय स्तर पर पदक व ट्रॉफी अपने नाम की। निर्भय का चयन डीएफए टीम में हुआ। इसके बाद वह दिल्ली के क्लब-99 की ओर से प्रोफेशन खेलता है। निर्भय ने बताया कि उसका सपना भारतीय फुटबॉल टीम में जगह बनाना और देश के लिए खेलना है।