यमुनानगर। छछरौली के खेड़ा मोहल्ला निवासी 35 वर्षीय हरप्रीत सिंह की 28 अगस्त को हत्या पैसे के लेनदेन को लेकर की गई थी। हत्या करने वाले कोई और नहीं बल्कि उसके तीन दोस्त थे। तीनों आरोपी व मृतक हरप्रीत सिंह नशा करते थे। आरोप है कि काफी समय से हरप्रीत सिंह ने तीनों को नशे की एवज में रुपये नहीं दिए थे। हत्यारोपियों में दो सगे भाई हैं। जिन्होंने पहले तो हरप्रीत सिंह को नशे की ओवरडोज दी। जब वह बेहोश हो गया तो उसके साथ बुरी तरह से मारपीट की। फिर शव को कार में डालकर छछरौली के जंगल में पुलिया के पास फेंक दिया। सीआईए-वन ने तीनों आरोपियों को गांव नाहर ताहरपुर निवासी लाभ सिंह, रवि व उर्जनी निवासी कपिल को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने तीनों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया है।
पुलिस को चकमा देने के लिए बाजू में लगाई थी सिरिंज
तीनों आरोपियों ने हत्या के बाद हरप्रीत सिंह के शव को जंगल में फेंक दिया था। हरप्रीत काफी समय से नशा करता था। आरोपियों ने पुलिस को चकमा देने के लिए हत्या के बाद हरप्रीत सिंह की बाजू में नशे की सिरिंज लगा दी थी। यह इसलिए लगाई थी ताकि पुलिस को यह लगे कि हरप्रीत की मौत नशे की ओवरडोज के कारण हुई है। परंतु यही सिरिंज आरोपियों तक पहुंचने की बड़ी वजह बनी। दरअसल जब किसी जिंदा व्यक्ति इससे डोज लेता है तो चमड़ी नरम होने से सिरिंज गिर जाती है, जबकि इसके विपरीत मृतक की चमड़ी सख्त हो जाती है। उसमें सिरिंज लगाई जाए तो वह गिरने के बजाय खड़ी रहती है। हरप्रीत सिंह की बाजू पर जो सिरिंज मिली थी वह भी सीधी खड़ी थी।
तीन माह से नहीं दिए थे नशे के पैसे
सीआईए-वन के इंचार्ज प्रमोद वालिया ने बताया कि मृतक हरप्रीत नशे का आदी था। वह अपने दोस्त लाभ सिंह, उसके भाई रवि व कपिल के साथ नशा करता था। यह आरोपी घर पर ही केमिकल मिलाकर डोज लेते थे। हरप्रीत भी उनके पास से नशा खरीदता था। तीन माह से हरप्रीत ने उन्हें पैसे नहीं दिए थे। जिस पर 28 अगस्त को आरोपियों ने उसे फोन कर बुलाया। जहां पर उसे नशे की डोज दी। इसके बाद पैसों को लेकर बहस हो गई। उसे एक और डोज दी। इसके बाद आरोपियों ने उसे पीटा। ओवरडोज व पीटने की वजह से उसकी मौत हो गई। सीआईए ने तीनों को गुलाबगढ़ बस स्टैंड के पास से पकड़ा है। इनमें रवि व लाभ सिंह सगे भाई हैं। आरोपियों ने हरप्रीत की बाइक भी जंगल में कहीं छोड़ दी थी जो अब तक नहीं मिली है। लाभ सिंह पर हत्या, लूट व चोरी के कई मामले दर्ज हैं। इसमें वर्ष 2015 में हुई हत्या के केस में उसे सजा हो चुकी है। अब हाईकोर्ट से वह राहत लेकर बाहर आया है। उसके भाई रवि व कपिल पर लूट व चोरी के कई मामले दर्ज हैं।