संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले के विद्यार्थियों ने अपनी लगन, अनुशासन और अथक परिश्रम से बोर्ड परीक्षाओं में शानदार सफलता हासिल कर जिले का नाम प्रदेशभर में रोशन किया। अब इन होनहारों की मेहनत को उस समय नई पहचान मिली, जब रोहतक स्थित महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित अमर उजाला मेधावी सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उन्हें सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री के हाथों सम्मान प्राप्त करना विद्यार्थियों के लिए केवल पुरस्कार नहीं, बल्कि उनके सपनों को नई उड़ान देने वाला प्रेरणादायी क्षण बन गया। जैसे ही मंच से एक-एक मेधावी की उपलब्धियां पढ़ी गईं, पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इस सम्मान ने विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को नई ऊंचाई दी और उन्हें अपने लक्ष्य की ओर पहले से अधिक दृढ़ता के साथ बढ़ने की प्रेरणा दी।
मेधावियों का कहना है कि मुख्यमंत्री से सम्मान पाना उनके जीवन का अविस्मरणीय पल है। यह सम्मान उन्हें निरंतर बेहतर प्रदर्शन करने और देश-समाज के लिए कुछ बड़ा करने की जिम्मेदारी भी महसूस कराता है। उनका मानना है कि सफलता मंजिल नहीं, बल्कि नई शुरुआत है। अब उनका लक्ष्य उच्च शिक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अपने क्षेत्रों में नई पहचान बनाना और प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन करना है।
मुख्यमंत्री के हाथों सम्मान मिलना मेरे लिए गर्व का क्षण है। इससे आत्मविश्वास बढ़ा है। अब मेरा लक्ष्य कला संकाय में उच्च शिक्षा लेकर सिविल सेवा के माध्यम से समाज की सेवा करना है। - कुसुम चौधरी, 12वीं में कला संकाय टाॅपर।
मुख्यमंत्री से सम्मान पाकर वह बेहद उत्साहित हूं। यह उनके सबसे खूबसूरत क्षणों में से एक है। प्रदेश के मुखिया के बेहद समीप होना बिल्कुल सपना प्रतीत हुआ। मुख्यमंत्री के साथ सेल्फी लेना सबसे यादगार पल बन गया है। मैं वाणिज्य के क्षेत्र में नाम कमाना चाहती हूं। इसके लिए निरंतर प्रयास करुंगी। कामयाबी के लिए मेहनत करनी चाहिए। - कामाक्षी रावत पुत्री सुरेंद्र सिंह, 12वीं में वाणिज्य वर्ग की जिला टॉपर।
मुख्यमंत्री से सम्मान प्राप्त करना उनके जीवन की उपलब्धियों में सबसे बड़ी है। मुझे विश्वास नहीं हो रहा था कि वे मुख्यमंत्री को सामने से देख रहे हैं और वे उसे सम्मानित कर रहे हैं। यह बिल्कुल सपने जैसा लग रहा है। यह अमर उजाला के मेधावी छात्र सम्मान कार्यक्रम से संभव हुआ है। मैं 12वीं में इसी तरह टॉप करके एक बार फिर यह सम्मान पानी चाहती हूं। मेहनत ही सफलता की कुंजी है। - रितु कुमारी पुत्री सुवेश कुमार, 10वीं टॉपर।