संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। नूंह दंगों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हिंदू संगठनों व प्रशासन के बीच उस समय तनातनी हो गई, जब डीएसपी ने डीसी के न होने की बात कहते हुए इंतजार करने की बात कही। इस दौरान संगठनों को पता चला कि डीसी कार्यालय में हैं और डीएसपी ने झूठ बोला है। इससे संगठन भड़क गए और सदस्य लघु सचिवालय में ही हनुमान चालीसा का पाठ करने बैठ गए।
संगठनों ने पांच मिनट में डीसी के न आने पर अंबाला-सहारनपुर नेशनल हाईवे जाम करने की चेतावनी दी। इसके बाद डीसी ज्ञापन लेने पहुंचे। इस दौरान संगठनों ने डीएसपी राजीव को झूठ बोलने पर साधुओं से माफी मांगने को कहा तो तीखी बहस हो गई। डीएसपी ने गलती मानकर माफी मांगी, जिस पर मामला शांत हुआ। संगठनों की ओर से डीसी को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देकर चले गए।
प्रदर्शन का नेतृत्व विभिन्न सभाओं प्रमुख, मंदिर महंत व साधुओं ने किया, जिसमें विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, सनातन धर्म सभा सहित अन्य हिंदू संगठनों के सदस्यों ने भाग लिया। प्रदर्शन के लिए सभी जगाधरी अनाजमंडी स्थित शेड के नीचे एकत्र हुए थे। वहां से नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। इस दौरान संगठनों ने उपद्रवियों की संपत्ति पर बुलडोजर चलाने, फांसी देने को लेकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन को लेकर अनाजमंडी सहित लघु सचिवालय में पूरी तरह छावनी में बदला नजर आया। प्रदर्शनकारियों को लघु सचिवालय के मुख्य गेट के पास ही बेरीकेड लगाकर रोक दिया गया और ज्ञापन लेने के लिए नायब तहसीलदार पहुंचे। संगठनों ने डीसी को ज्ञापन देने की मांग की। डीएसपी राजीव ने कहा कि डीसी कार्यालय में नहीं है, हालांकि डीसी कार्यालय में ही मौजूद थे। संगठनों ने कहा कि 80-80 वर्ष के साधु चलकर ज्ञापन देने आए हैं तो डीसी को कार्यालय से आना चाहिए।
इस पर संगठन के पदाधिकारी नाराज हो गए। पूर्व में ही इसकी सूचना दी गई थी, यह साधु समाज का अपमान है। इससे नाराज संगठन लघु सचिवालय में जमीन पर बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ करने लगे और पांच मिनट बाद नेशनल हाईवे जाम की चेतावनी दी। इसके बाद डीसी ज्ञापन लेने आए लेकिन फिर वापस हो गए। डीसी ने कहा कि वे चालीसा पाठ के बीच बाधा नहीं बनेंगे। पाठ पूरा होने पर वह उनके बीच आएंगे। चालीसा पूरी होने पर डीसी राहुल हुड्डा पहुंचे और ज्ञापन लिया।
इस दौरान लवाना से चेतनानंद महाराज, इस्कॉन से दिव्य दास प्रभु, यमुनानगर से राहुल मुनि, कैंप हनुमान मंदिर से महंत गोपाल दास, विश्व हिंदू परिषद से उदयवीर शास्त्री, सनातन धर्म सभा से राजन बजाज ने ज्ञापन में कहा कि नूंह के दंगे देश का सौहार्द बिगाड़ने के लिए उकसाया गया है। नूंह व मेवात में राष्ट्र विरोधी गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा है। इसलिए उपद्रवियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई की जाए। मृतक गृहरक्षियों व लोगों को तुरंत मुआवजा दिया और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।