जगाधरी। पानी हमारे जीवन में बहुत अहम है। जीवन का दूसरा नाम जल है। हम भोजन के बिना कई दिन रह सकते हैं लेकिन पानी के बिना आधा दिन गुजारना कठिन हो जाता है। यह जानते हुए भी कि जल ही जीवन है, हम इसकी अहमियत नहीं समझ रहे हैं। लगातार इसकी बर्बादी कर रहे हैं। हम इसकी इतनी बर्बादी कर रहे हैं कि हमें यह साधारण सी चीज लगती है लेकिन यह साधारण सी चीज असल में बहुत अनमोल है। वास्तव में हम पानी के उपयोग के प्रति अपनी जिम्मेवारी नहीं समझ रहे हैं और न ही दूसरों को इसका महत्व बता रहे हैं। लोग क्षेत्र में कहीं नल खुला है तो उसे बंद करना हम अपनी जिम्मेवारी नहीं समझते। नहाते, कपड़े धोने, सफाई के लिए जरूरत से ज्यादा पानी इस्तेमाल करके हम पानी की बर्बादी करते हैं। जल संचय के लिए केन्द्र सरकार ने पूरे देश में जल शक्ति अभियान चलाया है जिसके तहत पानी को भूमि में रिचार्ज करने के लिए विशेष कदम उठाए जा रहे है। हमारे देश में ऐसे बहुत सारे स्थान है, जहां लोग पानी की किल्लत से बुरी तरह परेशान है। पशु-पक्षी भी प्यास से अपना दम तोड़ देते हैं। वहीं, बहुत सारे स्थानों पर एक बाल्टी पानी लेने के लिए लोगों को मीलों चलना पड़ रहा है। दुनियां के कई हिस्सों में खासकर विकासशील देशों में जल संकट बढ़ता जा रहा है। अगर पानी की ऐसे ही बर्बादी होती रही तो अनुमान है कि वर्ष 2025 तक विश्व की आधी जनसंख्या जल संकट की भंयकर मार झेलेगी। सरकार तेजी से पानी की समस्या का हल निकालने के लिए जरूरी कदम उठा रही है। पानी की बचत के उपायों के बारे में बातचीत डीसी मुकुल कुमार ने बताया कि पानी की बचत करना हम सब की जिम्मेवारी है, तभी हम अपनी आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए पानी सुरक्षित रख सकते हैं। पानी की बचत घर से ही शुरू करें। थोड़ी समझदारी से हम आने वाली पीढ़ी को यह अहम सौगात तोहफे में दे सकते हैं। डीसी मुकुल कुमार ने बताया कि हर व्यक्ति पेड़-पौधे लगाए। बारिश के लिए ये काफी सहायक होते हैं। बारिश होगी तो नदी नाले भर जाऐंगे। बगीचे में सुबह-शाम पानी दें। दोपहर या दिन में पानी देना व्यर्थ है क्योंकि भांप के कारण पानी उड़ जाता है। वाहनों को धोते समय पानी की काफी बर्बादी होती है। इसकी जगह पर गीले कपड़े का इस्तेमाल किया जा सकता है या बाल्टी में पानी लेकर वाहनों को धो सकते हैं। टैप चलते रहने से कई लीटर पानी बेकार बह जाता है। जरूरत न हो तो वाटर टैप को बंद कर दें। पानी का बिल अवश्य अदा करें। बिल अदा करने पर इस बात का अहसास होता है कि कौन कितना पानी प्रयोग करता है।