संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शहर में यातायात नियंत्रण के लिए नगर निगम ने 15 चौक-चौराहों पर ट्रैफिक कंट्रोल लाइटें व ब्लिंकर लाइट लगवा रखी हैं। इनमें से आधी खराब पड़ी हैं। यदि यह कहा जाए कि जो चल रही हैं उनमें से कोई भी पूरी तरह से ठीक नहीं है तो गलत नहीं होगा। पांच चौक पर नई ट्रैफिक लाइटें लगाने की बात पिछले एक साल से कही जा रही हैं, परंतु लगी एक भी नहीं। जो खराब हैं उन्हें ठीक कराने का नाम नहीं लिया जा रहा या फिर नगर निगम का खजाने में इतना भी पैसा नहीं है कि इन पर खर्च किया जा सके। खामियाजा शहर के साथ-साथ विभिन्न जगहों से आने वाले वाहन चालकों को भी भुगतना पड़ रहा है। चौक पर कहने को तो पुलिस ने होमगार्ड तैनात कर रखे हैं, लेकिन इनका सारा ध्यान वाहनों के चालान कटवाने में ही बीत जाता है।
चौक-चौराहों पर जो ट्रैफिक लाइटें लगी हैं उनमें टाइमर ही नहीं है। नियमानुसार तो चौक की चारों सड़कों पर खड़े वाहन चालकों अपने सामने टाइमर में यह दिखना चाहिए कि रेड लाइट को ग्रीन होने में कितना समय है। परंतु शहर में चार में से यदि एक टाइमर भी चल रहा है फिर भी नगर निगम के अधिकारी उसे ठीक बता रहे हैं। कहीं डिवाइडर पर ट्रैफिक लाइट का पूरा पोल ही गायब है फिर भी कागजों में लाइट काम कर रही है। जगाधरी बस स्टैंड के पास डॉ. भीमराव आंबेडकर चौक पर जैसे ही वाहन चालक यमुनानगर मुड़ते हैं तो ट्रैफिक लाइट लगा पोल दो साल से गायब है। ट्रक की टक्कर से टूटे इस पोल को ठीक तो नहीं कराया, उल्टा इसे काट कर स्टोर में फेंक दिया गया।
शहर में जेल चौक, गुलाब नगर चौक, चूना भट्ठी चौक, विश्वकर्मा चौक, पंचायत भवन, भाई कन्हैया साहिब चौक, मेला सिंह चौक की लाइटें खराब हैं। इनमें से पांच चौक पर एंड्रायड बेस ट्रैफिक लाइटें लगाने के दावे किए गए थे, लेकिन लगाने के लिए कोई एजेंसी नहीं मिल रही। भीमराव आंबेडकर चौक, महाराणा प्रताप चौक, जगाधरी में महाराजा अग्रसेन चौक पर केवल एक ही टाइमर काम कर रहा है। केवल एक साइड से आ रहे चालकों को ही टाइमर दिखता है। यह हालात तब हैं जब नगर निगम के कमिश्नर, डीएमसी, एक्सईएन के अलावा जिला प्रशासन के तमाम अधिकारी दिन में पता नहीं कितनी बार इन चौक-चौराहों से गुजर रहे हैं। यहां तक की जिन निवर्तमान पार्षदों के एरिया में यह लगी हैं उन्होंने भी कभी इनकी शिकायत करने की जहमत नहीं उठाई।
सड़क सुरक्षा के दावे केवल फाइलों में सिमट कर रह गए हैं। चौक पर ट्रैफिक लाइट इसलिए लगाई जाती है ताकि वाहनों को कुछ देर रोक कर सड़क पर ट्रैफिक कंट्रोल किया जा सके। सड़कों पर जाम न लगे। परंतु खराब ट्रैफिक लाइटें शहर में जाम को बढ़ावा दे रही हैं। जिन चौक-चौराहों पर ट्रैफिक नियम पूरे नहीं वहां पर ट्रैफिक पुलिस वाहनों के चालान काट रही है। जगाधरी-बिलासपुर स्टेट हाईवे पर जेल चौक पर 10 लाख रुपये से 15 मई 2021 को नई ट्रैफिक लाइट लगाई गई थी। तीन माह में ही लाइट खराब होकर बंद हो गई। इस चौक से प्रतापनगर माइनिंग जोन से आने वाले हजारों ट्रकों के अलावा स्टेट हाईवे से गुजरने वाले वाहन से हर समय हादसे का खतरा रहता है।
ट्रैफिक लाइट के टेंडर लगा रखे हैं : आयुष सिन्हा
नगर निगम आयुक्त आयुष सिन्हा ने बताया कि शहर में पांच चौक पर नई ट्रैफिक लाइट लगाने का टेंडर लगा रखा है। आठ फरवरी को टेंडर खोले जाएंगे। जहां लाइटों में खराबी है वहां जांच करवा कर ठीक कराएंगे।