फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

संशोधित : शाम को बूंदाबांदी के साथ पड़े ओले

विज्ञापन
विज्ञापन
यमुनानगर। मौसम ने रविवार को एक बार फिर से करवट ले ली। सुबह से दोपहर तक तेज धूप निकल रही थी। धूप में खड़ा होना भी लोगों के लिए मुश्किल हो रहा था। परंतु शाम के समय अचानक बादल छा गए। वहीं जिले के कई कस्बों में हल्की बूंदबादी शुरू गुई, वहीं सरस्वती नगर में बूंदाबांदी के बीच हलके ओले भी पड़े। हालांकि मौसम विभाग ने आगामी दिनों में मौसम साफ रहने का अनुमान जताया है।
विज्ञापन

मौसम के एक बार फिर से खराब होने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। क्योंकि दो दिन पहले आई आंधी व बारिश से खेतों में खड़ी गेहूं की फसल भीग गई। फसल गीली होने से कटाई कुछ हद तक प्रभावित हुई है।
ऐसे में सोमवार व मंगलवार तक मंडियों में आने वाली गेहूं की आवक में कमी हो सकती है। रविवार को भी मंडियों में गेहूं तो आता रहा, लेकिन छुट्टी होने के चलते खरीद नहीं हो पाइ्र।
विज्ञापन

वहीं दो दिन पहले हुई बारिश की वजह से जिले के अधिकतम तापमान में चार डिग्री तक की कमी आई है। जिले का तापमान 37 डिग्री तक पहुंच गया था, जो रविवार को 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आगामी दिनों में तापमान में बढ़ोतरी होगी। इस सप्ताह में तापमान 39 डिग्री तक जाने की संभावना है।

मंडियों में नहीं पर्याप्त इंतजाम: संजू गुंदियाना
भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रधान संजू गुंदियाना व निदेशक मंदीप सिंह रोडछप्पर का कहना है कि मौसम बार-बार खराब हो रहा है। जिससे किसानों को काफी नुकसान हो रहा है। वहीं अनाज मंडियों में गेहूं को भीगने से बचाने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं है।
आढ़तियों के पास तिरपाल नहीं है। थोड़ी बहुत गेहूं की बोरियों पर तिरपाल डाल दी जाती है, परंतु नीचे से पानी गेहूं में रिसता रहता है। मंडियों में शेड के नीचे भी गेहूं लगी हुई है। इसलिए ज्यादातर गेहूं खुले आसमान के नीचे है। जब तक खरीद नहीं होती तब तक भीगी गेहूं का जिम्मेदार किसान ही है। भीगने के बाद नमी बताकर गेहूं को खरीदने में आनाकानी की जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें