संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। करीब 70 करोड़ रुपये के धान घोटाले में सीआईए-वन की टीम ने हैफेड के एक और अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया है। परचेज ऑफिसर (क्रय अधिकारी। अनिल कुमार को शुक्रवार देर रात उसके सरकारी आवास से दबोचा गया। शनिवार को उसे अदालत में पेश कर तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान एसआईटी ने अनिल कुमार के सरकारी क्वार्टर से एक लाख रुपये बरामद किए हैं।
फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने कितनी राशि ली और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं। अनिल कुमार को थाना प्रतापनगर में दर्ज प्राथमिकी के तहत गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया है कि हैफेड के सीनियर मैनेजर सलेंद्र और अनिल कुमार की ड्यूटी प्रतापनगर अनाज मंडी में लगी थी। आरोप है कि दोनों अधिकारियों ने राइस मिलर संदीप सिंगला के साथ मिलीभगत कर फर्जी गेट पास जारी किए, जिसके जरिए बड़े पैमाने पर धान घोटाले को अंजाम दिया गया।
बताया जा रहा है कि संदीप सिंगला और अनिल कुमार की मुलाकात सीनियर मैनेजर सलेंद्र ने करवाई थी। इसके बाद प्रतापनगर मंडी से राइस मिलों के लिए फर्जी गेट पास काटे गए। इसी कड़ी में प्रतापनगर क्षेत्र की राइस मिलों में ही सबसे अधिक, करीब 22 करोड़ रुपये से ज्यादा का घोटाला सामने आया है। धान घोटाले में अब तक तीन लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
सबसे पहले राइस मिलर संदीप सिंगला को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद पांच दिन पहले हैफेड के सीनियर मैनेजर सलेंद्र को पकड़ा गया और अब परचेज ऑफिसर अनिल कुमार की गिरफ्तारी हुई है। लगातार हो रही गिरफ्तारियों से माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में और लोगों की गिरफ्तारी संभव है।
जल्द किए जाएंगे और खुलासे : डीएसपी
डीएसपी राजीव मिगलानी ने बताया कि आरोपी अनिल कुमार को कोर्ट से तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान उससे मामले में गहन पूछताछ की जा रही है। आरोपी के कब्जे से एक लाख रुपये बरामद किए गए हैं, जो रिश्वत की रकम है। धान घोटाले के पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है। इसमें शामिल अन्य अधिकारियों, कर्मचारियों और कारोबारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। मामले में जल्द और खुलासे होने की संभावना है।