जगाधरी। हनुमान गेट स्थित दिव्य ज्योति जागृति संस्थान आश्रम में रविवार को आयोजित साप्ताहिक सत्संग सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। साध्वी वंशिका भारती ने श्रद्धालुओं को बताया कि गुरु दर्शन से मन की नकारात्मकता मिट जाती है।
उन्होंने कहा कि दर्शन केवल आंखों से किसी को देख लेना नहीं है, बल्कि साकार स्वरूप में प्रकट हुई दिव्यता को आत्मानुभूति के माध्यम से अपने रोम-रोम में उतार लेना ही वास्तविक दर्शन है। आज लोग विभिन्न तीर्थस्थलों पर जाकर प्रभु के विग्रह, संत-महात्माओं और भक्तों के दर्शन करते हैं, लेकिन यह भी विचार करना आवश्यक है कि उन दर्शनों से उन्हें कितना आध्यात्मिक लाभ मिल रहा है।
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साध्वी ने बताया कि जब निराकार परमात्मा साकार रूप धारण कर धरती पर अवतरित होता है तो उसका आभामंडल दिव्य और प्रभावशाली तरंगों से युक्त होता है। ऐसी पावन उपस्थिति में भक्तों के मन की नकारात्मकता और दुविधा स्वतः समाप्त हो जाती है और जीवन सहज ही सन्मार्ग की ओर अग्रसर होता है।
साध्वी ने उदाहरण देते हुए बताया कि महात्मा बुद्ध के एक बार दर्शन मात्र से अंगुलिमाल के जीवन में बड़ा परिवर्तन आ गया था। उन्होंने कहा कि साधारण व्यक्ति किसी को प्रभावित कर सकता है, लेकिन जीवन परिवर्तन की शक्ति उसी में होती है जो ब्रह्मनिष्ठ संत हो। सत्संग के अंत में साध्वी बहनों ने सुमधुर भजनों का गायन किया। इसके पश्चात सामूहिक ध्यान साधना कर विश्व शांति के लिए प्रार्थना की गई।