शादी का झांसा देकर लड़की का अपहरण करने के दोषी को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने पांच साल की कैद और 15 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। यह सजा मंगलवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश रजनीश बंसल की कोर्ट ने सुनाई है।
कोर्ट में करीब एक साल चार महीने तक चली सुनवाई के दौरान 12 लोगों की गवाही हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मंगलवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 11 अगस्त 2012 को हमीदा पुलिस चौकी को शिकायत में एक व्यक्ति ने कहा कि उसकी बेटी क्षेत्र के एक स्कूल में 10 वीं कक्षा में पढ़ती है। सात अगस्त को वह रोजमर्रा की तरह स्कूल जाने के लिए घर से निकली थी।
लेकिन जब देर शाम तक वापिस नहीं आई, तो उन्हें उसकी चिंता सतानी शुरू हो गई। जांच के दौरान उन्हें पता चला कि उसकी बेटी सुबह स्कूल में ही नहीं पहुंची। इसी बीच उन्हें पता चला कि गांव कैदगी जिला सहारनपुर निवासी मौहतरम, जो कि क्षेत्र में अपने रिश्तेदार के यहां रहता है और नाई की दुकान चला रहा है, वह उसकी बेटी को बहला फुसलाकर अपहरण करके ले गया है।
पुलिस ने पीड़िता के पिता की शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने आरोपी की गिर तारी के लिए टीम गठित कर छापामारी शुरू कर दी। जिसके उपरांत पुलिस ने 30 अगस्त को अंबाला कैंट से पीड़िता को काबू कर लिया। पुलिस को दिए बयान में पीड़िता ने कहा कि आरोपी ने उसके साथ दुराचार किया।
जिसके बाद पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल करवाया। जिसमें दुराचार की पुष्टि हुई। पुलिस ने इस केस में दुराचार की धारा 376 को भी जोड़ दिया। 31 अगस्त को पुलिस ने आरोपी मौहतरम को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। करीब सवा साल तक चली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनी। पीड़िता के परिजनों ने अपनी बेटी की आयु 16 साल से कम बताई थी, जो सुनवाई के दौरान ज्यादा पाई गई। कोर्ट ने आरोपी को अपहरण का दोषी करार देते हुए तीन साल की कैद तथा 5 हजार रुपये जुर्माना तथा 366 में 5 साल की कैद तथा 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।