संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। 10 वर्षीय पोते से यौन शोषण के आरोप में महिला थाना पुलिस ने 67 वर्षीय दादी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी दादी को बंगलूरू से पकड़ा। वह अपने छोटे बेटे के घर रह रही थी। अदालत में पेश करने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
मामले में बच्चे की मां की शिकायत पर 23 जून को महिला थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायत के मुताबिक करीब तीन साल पहले आरोपी महिला परिवार के साथ रहती थी। उस समय बच्चे की उम्र करीब 10 साल थी। बच्चे ने काफी समय बाद अपनी मां को आपबीती बताई, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। जांच के दौरान पुलिस ने बच्चे के बयान दर्ज किए।
पुलिस के अनुसार बच्चे ने अपने बयानों में एफआईआर में लगाए गए आरोपों की पुष्टि की। इसके बाद आरोपी महिला की तलाश की गई और उसके बेंगलुरु में छोटे बेटे के पास से गिरफ्तार किया गया। थाना प्रभारी शीलावंती के अनुसार आरोपी को जांच में शामिल होने के लिए कई नोटिस दिए गए थे, लेकिन वह जांच में शामिल नहीं हुई। पुलिस के मुताबिक दादी ने अपने पक्ष में कोई साक्ष्य भी पेश नहीं किया। पुलिस मामले की जांच जारी रखे हुए है।
बच्चे की सुरक्षा रिश्ते या सामाजिक प्रतिष्ठा से ऊपर : बाजपेयी
काउंसलर डॉ. अंजू बाजपेयी का कहना है कि बच्चों से जुड़े यौन शोषण के मामलों को रोकने के लिए परिवार में बच्चों के साथ खुला और भरोसेमंद संवाद सबसे जरूरी है। अभिभावकों को बच्चों के व्यवहार, अचानक आए बदलाव, किसी व्यक्ति से डरने या उससे मिलने से बचने जैसी बातों को गंभीरता से लेना चाहिए। कई बार बच्चे डर, शर्म या परिवार के किसी सदस्य के दबाव के कारण घटना तुरंत नहीं बता पाते, इसलिए उनकी बात को नजरअंदाज करने के बजाय धैर्य से सुनना जरूरी है।