यमुनानगर में पश्चिमी यमुना नहर पर बने रेलवे पुल को पार करते समय ट्रेन की चपेट में आने से एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई, जबकि उसकी 21 वर्षीय पोती बाल-बाल बच गई।
पुल पर हुआ यह हादसा कोई पहली घटना नहीं। इससे पहले भी आधा दर्जन से अधिक लोग अपनी जान गवां चुके हैं। रेलवे पुल पर होने वाले हादसों पर नियंत्रण करने के लिए हालांकि रेलवे पुलिस ने जागरूकता अभियान और सख्ती का भी प्रयोग किया, लेकिन इसका कोई लाभ नहीं हुआ।
झींवरहेडी निवासी सुलोचना देवी (65) तीर्थ नगर में अपने भतीजे पुरुषोत्तम के घर आई हुई थी। मंगलवार को उसने कलानौर में अपनी रिश्तेदारी में जाना था। इसके लिए उन्हाेंने जगाधरी रेलवे स्टेशन से ट्रेन से कलानौर जाने का विचार बनाया।
स्टेशन पर सुबह साढे़ ग्यारह बजे आने वाली पैसेंजर ट्रेन पकड़ने के लिए वह सुबह पौने ग्यारह बजे तीर्थ नगर से अपनी पोती 21 वर्षीय मनीषा को साथ लेकर रेलवे स्टेशन के लिए निकल पड़ी।
तीर्थ नगर से रेलवे स्टेशन जाने के रेलवे ब्रिज से शॉर्ट कट रास्ता पड़ता है। जिस कारण अधिकतर लोग इसी मार्ग से तीर्थ नगर और तीर्थ नगर से रेलवे स्टेशन और बाजार में जाते हैं।
रेलवे पुल के मार्ग को शॉर्टकट देखते हुए उन्होंने पुल से स्टेशन जाने का विचार बनाया। उनके आगे-आगे एक साइकिल सवार चल रहा था। साइकिल सवार को रेलवे पुल से निकलता देख दादी पौती भी उसके पीछे-पीछे रेलवे पुल से निकलने लगे।
जिस समय दोनों रेलवे पुल के बीच में पहुंचे तो अचानक ही ट्रेन आ गई। ट्रेन के आते देख साइकिल सवार ने भाग कर जान बचाई। वहीं मनीषा और दादी ने भागने का प्रयास किया। ट्रेन को करीब आता देख मनीषा पुल पर बने पीलर पर लटक गई, लेकिन सुलोचना तेज गति से आ रही ट्रेन की चपेट में आ गई। हादसे को देख मनीषा भी सहम गई। क्योंकि ट्रेन सलोचना को अपनी चपेट में लेकर काफी दूर तक ले गई।
हादसे के बाद लोगों की भीड़ जमा हो गई। घटना की सूचना पर जीआरपी पुलिस को दी। पुलिस ने रेलवे ट्रैक पर पड़े शत विक्षत शव को कब्जे में लिया।
वहीं उसके परिजनों को सूचित किया। सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल के शव विच्छेद गृह में भेज दिया।