संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के आह्वान पर 23 अप्रैल से चल रही क्रमिक भूख हड़ताल के 93 वें दिन जिला कैथल से जिला प्रधान विजेंद्र मोर के साथ रामफल, शीशपाल, दल सिंह व सरदूल सहित पांच अध्यापक क्रमिक अनशन पर बैठे। अध्यापक नेता जगपाल सिंह, अजय अग्रवाल, संजय कम्बोज ने संबोधित करते हुए कहा कि आज 93 वें दिन भी अनशन पूरे उत्साह के साथ जारी है।सरकार का रवैया पहले की तरह ढुलमुल है।
स्थानांतरण, चिराग योजना, पुरानी पेंशन, लंबित पदोन्नति मामलों के बारे में सरकार व आला अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। चिराग योजना सार्वजानिक शिक्षा के लिए बहुत बड़ा खतरा है। केंद्र सरकार और राज्य सरकारों का दायित्व है कि हर बच्चे को बिना किसी भेदभाव के गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा मिले। परंतु सरकार अपनी इस जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ती नजर आ रही है। नेताओं कहा कि अध्यापक संघ की सभी मांगों विद्यालय मर्जर के बजाय प्रत्येक शहर व कस्बे में बढ़ी हुई जनसंख्या के आधार पर नए विद्यालय खोले जाने चाहिए।
चिराग योजना को वापस लेकर सार्वजनिक ढांचे को मजबूत किया जाना चाहिए। 50,000 रिक्त पदों पर तुरंत योग्यता प्राप्त अध्यापकों की भर्ती की जाए, गैर शैक्षणिक कार्यों पर पूर्ण रोक लगाई जाए। 2017 वाले जेबीटी शिक्षकों को स्थाई जिले आवंटित करते हुए जेबीटी शिक्षकों सहित सभी वर्गों के सामान्य तबादले जल्द से जल्द किए जाएं। अतिथि अध्यापक, कौशल रोजगार निगम में भर्ती अध्यापक व कंप्यूटर टीचर को नियमित किया जाए।