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Yamuna Nagar News: कृषि यंत्रों पर टैक्स में छूट दे सरकार

Mon, 12 Feb 2024 03:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। हरियाणा सरकार जल्द ही विधानसभा में अपना आम बजट पेश करेगी। बजट से जहां आमजन को उम्मीद है वहीं, किसान भी सरकार से काफी आस लगाए बैठे हैं। कृषि यंत्रों पर टैक्स कम करने, खराब फसलों की गिरदावरी, ब्याज माफी, पॉलीहाउस को बढ़ावा देने, ट्रेनिंग सेंटर खोलने व इनोवेशन को बढ़ावा देने जैसी किसानों की प्रमुख मांगे हैं। किसान नेताओं व प्रगतिशील किसानों ने अपनी मांगे व सुझाव सरकार के समक्ष रखे हैं।

किसानों का ब्याज माफ हो
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश महामंत्री रामबीर चौहान का कहना है कि सरकार यदि किसान को खुशहाल देखना चाहती है तो ओलावृष्टि से जिन किसानों की फसलें खराब हुई हैं उनका लोन का ब्याज बैंक माफ करे। साथ ही छह माह तक ऋण वसूली पर रोक लगाई जाए। किसान की फसलों की लागत का मूल्यांकन करवा कर भाव दिया जाए ताकि उसे नुकसान न हो। वहीं किसानों को जो ऋण मिलता है बैंक से उसकी लिमिट तीन लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये की जाए।
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कृषि यंत्रों पर कम हो टैक्स
भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रधान संजू गुंदियाना का कहना है कि सरकार को कृषि का बजट बढ़ाना चाहिए। कृषि यंत्रों पर टैक्स कम किया जाए ताकि किसान आसानी से इन्हें खरीद सके। हैप्पी सीडर दो लाख रुपये का है। महंगा होने के कारण किसान इसे खरीद नहीं सकते। सरकार कीटनाशकों का रेट कम करें और यह अच्छी क्वालिटी के होने चाहिए। नए शोध केंद्र खोले जाएं ताकि अच्छी क्वालिटी और ज्यादा फसल देने वाले बीज तैयार हों सकें।
इनोवेशन का बजट रखे सरकार
प्रगतिशील किसान दामला निवासी प्रिंस कांबोज का कहना है कि सरकार इनोवेशन से संबंधित बजट जरूर बनाए। नई चीजें समाज के सामने आएंगी और सरकार भी मदद करेगी तो भविष्य में इसका किसानों को काफी फायदा होगा। किसानों को इसकी बहुत जरूरत है। सेल्फ हेल्प ग्रुप को भी बजट दिया जाए। किसान तभी आत्मनिर्भर बनेगा जब उसे फूड प्रोसेसिंग के लिए ट्रेनिंग दी जाए। बजट निर्धारित कर ट्रेनिंग सेंटर खोले जाएं। तकनीक का इस्तेमाल कर किसान लाभ उठा सकते हैं।
पॉलीहाउस का बजट बढ़ाया जाए
प्रगतिशील किसान टीन का माजरा गांव निवासी रमन का कहना है कि पॉलीहाउस लगाने के लिए सरकार का बजट काफी कम है। ज्यादा से ज्यादा किसान पॉलीहाउस में खेती करना चाहते हैं, लेकिन बजट कम होने से वह लगवा नहीं पाते। वहीं अनुसूचित जाति के जिस किसान ने एक बार सब्सिडी पर पॉलीहाउस लगवा लिया उसे दूसरा लगाने के लिए सब्सिडी नहीं दी जाती। यदि किसान दूसरा पॉलीहाउस लगाना चाहता है तो बेशक उसकी सब्सिडी 85 प्रतिशत घटाकर 50 प्रतिशत कर दें।
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मार्केटिंग की ट्रेनिंग दे सरकार
प्रगतिशील किसान हाफिजपुर निवासी सुभाष कांबोज का कहना है कि सरकार बजट में किसानों को क्वालिटी मेंटेन रखने और मार्केटिंग करने का प्रावधान करे। किसान फसल तो पैदा कर रहा है लेकिन वह क्वालिटी में सुधार न होने से वह मार्केटिंग नहीं कर पा रहा। इसका ट्रेनिंग सेंटर हर जिले में खोला जाए। बड़े एसपीओ न बनाकर इनमें 10 से 15 किसानों को जोड़ कर छोटा किया जाए। एसपीओ में ज्यादा सदस्य होने के कारण किसान कोई काम नहीं कर पा रहे।
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