जगाधरी। सरकारी स्कूलों का परिणाम बढ़ाने को लेकर चल रही अधिकारियों की कसरत आखिरकार रंग लाई है। निदेशालय, अधिकारियों व अध्यापकों के प्रयोग के कारण इस बार सरकारी स्कूलों का परिणाम बहुत ही शानदार रहा है। ऐसा पहली बार हुआ है कि सरकारी स्कूलों का परिणाम निजी से भी अच्छा रहा है।
इस परिणाम में सरकारी विद्यालय से निजी स्कूल पिछड़ गए हैं। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सरकारी स्कूल के 4000 विद्यार्थियों में से 1000 ने मेरिट में स्थान पाया है। प्रथम श्रेणी में पास होने वालों की संख्या भी 2275 है। ओवरऑल सरकारी स्कूल का परिणाम 90 प्रतिशत से ज्यादा आया है।
जिले का शानदार परिणाम आने से विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों सहित स्कूल प्रभारियों व अध्यापकों में भारी उत्साह है। बता दें कि सरकारी स्कूलों का परिणाम बेहतर बनाने के लिए निदेशालय व बोर्ड की ओर से सभी जिला अधिकारियों, खंड शिक्षा अधिकारियों सहित तमाम प्रभारियों को आदेश दिए गए थे। यही नहीं इस दौरान कम परिणाम देने वाले स्कूलों के प्रभारियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया था।
वहीं 33 से 50 प्रतिशत तक कम परिणाम देने वाले स्कूल मुखियाओं को इसके लिए विशेष टिप्स दिए गए थे, ताकि स्कूलों का परिणाम बढ़ाया जा सके। परिणाम बढ़ाने को लेकर निदेशालय व बोर्ड की ओर से अधिकारियों को आदेश दिए गए थे। जिसके चलते अधिकारी दिसंबर से ही इस काम में जुटे थे। इस दौरान कम परिणाम देने वाले स्कूलों पर विशेष ध्यान दिया गया। विद्यार्थियों के कमजोर विषयों पर विशेष रूप से काम किया गया।
इस साल कुल 8868 विद्यार्थियों ने 12वीं की परीक्षा दी थी। जिसमें सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों की संख्या 4640 और निजी स्कूल के विद्यार्थियों की संख्या 4228 थी। सरकारी स्कूल के 4640 में से 4045 ने परीक्षा पास की है। जबकि निजी स्कूल के कुल 3474 विद्यार्थी पास हुए हैं। यही नहीं 4045 में से 1084 विद्यार्थियों ने मेरिट में स्थान पाया है। 90 प्रतिशत से अधिक अंक पाने वाले विद्यार्थियों की संख्या 400 से ज्यादा है।
इसके अलावा 2275 विद्यार्थियों ने प्रथम श्रेणी में परीक्षा उत्तीर्ण की है। शेष 595 में ऐसे विद्यार्थी भी हैं, जिनकी रि-अपीयर और परिणाम लेट है। ऐसा पहली बार हुआ है कि सरकारी स्कूल के विद्यार्थी इतनी अच्छे अंकों से पास हुए हैं। इस दौरान कला संकाय के 3585 ने परीक्षा दी और 3114 पास हुए। जिसमें से 648 ने मेरिट और 1905 ने प्रथम श्रेणी में स्थान पाया। यह परिणाम 87 प्रतिशत बनता है।
वहीं वाणिज्य संकाय से 413 ने परीक्षा दी और 380 पास हुए। जबकि 122 ने मेरिट और 229 ने परीक्षा प्रथम श्रेणी में पास की है। यह परिणाम 92 प्रतिशत बनता है। इसे अलावा विज्ञान संकाय के कुल 642 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी और 551 पास हुए। 314 ने मेरिट पाई और 141 प्रथम श्रेणी में पास हुए। यह परिणाम 86 प्रतिशत बनता है। संवाद
इस साल सरकारी स्कूलों का परिणाम बेहतरीन रहा है। सरकारी स्कूल निजी स्कूलों से भी आगे रहे। पास 4045 में से 1084 विद्यार्थियों ने मेरिट पाई है। जबकि 2275 ने प्रथम श्रेणी में स्थान पाया है। यह विद्यार्थियों, अध्यापकों व अभिभावकों की मेहनत का परिणाम है। इसके सभी विभाग के सभी अधिकारी, कर्मचारी, अध्यापक, विद्यार्थी बधाई के पात्र हैं। - सुमन बहमनी, जिला शिक्षा अधिकारी।